ब्युरो रिपोट उमाशंकर शुक्ला
बिलासपुर: बिजली ठेकेदार की बड़ी लापरवाही; 50 फीट ऊंचे खंभे पर बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे श्रमिक
संवाददाता के सवालों से भागे ठेकेदार, अधिकारी ने भी साधी चुप्पी

बिलासपर शहर के वसंत विहार चौक से दयालबंद जाने वाली मुख्य सड़क पर विद्युत विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ 33 के.वी. लाइन की पोल शिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा है, जहाँ सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ठेकेदार राजकुमार सिंह द्वारा कार्य में लगे कर्मचारियों को न तो सेफ्टी बेल्ट उपलब्ध कराया गया है और न ही हेलमेट, जो कि विद्युत कार्यों के अनिवार्य प्रोटोकॉल का हिस्सा हैं।

जान जोखिम में डाल रहे श्रमिक
ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बिजली के खंभों की ऊंचाई लगभग 50 फीट है। इतनी ऊंचाई पर बिना किसी सुरक्षा कवच के काम करना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देने जैसा है। स्थानीय राहगीरों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी इस पर चिंता जताई है। सवाल यह उठता है कि यदि कार्य के दौरान कोई अप्रिय घटना या प्राणघातक दुर्घटना होती है, तो इसकी जवाबदारी किसकी होगी? क्या विद्युत मंडल (CSPDCL) अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेगा या ठेकेदार पर कार्यवाही होगी?
सवालों से बचते जिम्मेदार
जब हमारे संवाददाता ने इस संबंध में मौके पर मौजूद ठेकेदार राजकुमार सिंह से बात करने की कोशिश की, तो वे सवालों का जवाब देने के बजाय साइट छोड़कर भाग निकले। ठेकेदार का यह व्यवहार स्पष्ट करता है कि उन्हें नियमों के उल्लंघन की पूरी जानकारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब विद्युत मंडल के संबंधित अधिकारी श्री चंद्रा से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कई बार घंटी जाने के बावजूद फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। अधिकारियों की यह बेरुखी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
कार्रवाई की मांग
बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कराना ‘श्रम कानूनों’ और ‘विद्युत सुरक्षा नियमों’ का सीधा उल्लंघन है। नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करे और दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि किसी भी श्रमिक की जान को जोखिम में डालने वाले ऐसे कार्यों पर रोक लग सके।

