ब्युरो रिपोट उमाशंकर शुक्ला
कांग्रेस और विपक्ष की महिला विरोधी मानसिकता हुई उजागर: धरमलाल कौशिक
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने किया मातृशक्ति के अधिकारों का हनन

बिलासपुर | कांग्रेस और विपक्षी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर अपनी संकीर्ण और महिला विरोधी मानसिकता को सार्वजनिक कर दिया है। यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा उत्पन्न कर मातृशक्ति के अधिकारों का हनन किया है।
यह बातें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने आज भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहीं।

- नीयत और संकल्प: श्री कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की नीयत साफ है। हम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में उनका उचित प्रतिनिधित्व और अधिकार दिलाकर रहेंगे। यदि यह अधिनियम निर्बाध पारित होता, तो भविष्य में देश की राजनीतिक दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन आता।
- तुष्टिकरण की राजनीति पर प्रहार: उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि राजीव गांधी के समय सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटकर मुस्लिम महिलाओं को गुजारा भत्ता से वंचित किया गया था। उस अन्याय को प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ट्रिपल तलाक’ पर प्रतिबंध लगाकर सुधारा।
- विपक्ष का दोहरा चरित्र: श्री कौशिक ने आरोप लगाया कि विपक्ष हमेशा समर्थन का दिखावा करता रहा, लेकिन ‘किंतु-परंतु’ के बहाने इसे टालता रहा। विपक्ष के लिए महिला आरक्षण केवल एक राजनीतिक सुविधा और मजाक बनकर रह गया है।
- मोदी सरकार की उपलब्धियां: प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता में आने के बाद महिलाओं के सम्मान के लिए शौचालय निर्माण, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, पेयजल आपूर्ति, पक्का आवास और जन-धन खाते जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान किया। जब स्वच्छता अभियान शुरू हुआ तब भी विपक्ष ने मजाक उड़ाया था, लेकिन आज यह देश की प्राथमिकता है।


