सुरज वाधवानी की खास खबर
होटलों की लापरवाही से दांव पर नाबालिगों की सुरक्षा, NGO महासंघ ने एसपी से की कड़ी कार्रवाई की मांग
बिना पुख्ता आईडी और जांच के नाबालिग छात्र-छात्राओं को कमरे देने वाले होटल संचालकों पर हो एफआईआर: महासंघ
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। शहर के होटलों (ओयो एवं अन्य स्थानीय होटलों) में नियमों को ताक पर रखकर कम उम्र के छात्र-छात्राओं को कमरे उपलब्ध कराए जाने के मामले को लेकर आज NGO महासंघ बिलासपुर ने गहरी चिंता व्यक्त की है। महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस गंभीर विषय पर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर शहर के होटलों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने और नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

हालिया दुष्कर्म की घटना से समाज स्तब्ध
NGO महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि हाल ही में समाचार पत्रों के माध्यम से एक बेहद शर्मनाक और गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक शिक्षक द्वारा स्कूली छात्रा को बहला-फुसलाकर होटल में ले जाकर दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है और नाबालिग बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महासंघ का सीधा आरोप है कि शहर के कई होटल, विशेषकर OYO और स्थानीय लॉज, महज चंद पैसों के लालच में बिना किसी उचित पहचान पत्र (ID) सत्यापन या उम्र की सही जांच किए, स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं को आसानी से कमरे उपलब्ध करा रहे हैं। होटलों की यह घोर लापरवाही अपराधियों और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद कर रही है। इससे पूर्व में भी ‘टीम मानवता बिलासपुर’ द्वारा प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है।

NGO महासंघ ने एसपी के समक्ष रखीं ये प्रमुख मांगें:
- होटलों की औचक जांच: शहर के सभी OYO और अन्य होटलों की पुलिस प्रशासन द्वारा नियमित व औचक चेकिंग (Surprise Raids) की जाए।
- अनिवार्य ID वेरिफिकेशन: बिना पुख्ता पहचान पत्र के किसी को भी कमरा न दिया जाए। विशेषकर नाबालिगों या स्कूल यूनीफॉर्म में आने वाले छात्र-छात्राओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
- लाइसेंस हो निरस्त: नियमों का उल्लंघन करने वाले और अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले होटलों के लाइसेंस तुरंत निरस्त किए जाएं और प्रबंधकों पर एफआईआर (FIR) दर्ज हो।
- स्कूल-कॉलेजों के पास बढ़े गश्त: शैक्षणिक संस्थानों और कोचिंग सेंटरों के आस-पास पुलिस की पेट्रोलिंग (गश्त) बढ़ाई जाए।


