रेलवे फाटक बना बिल्हा के नागरिकों के लिए सिरदर्द: विकास के दावों के बीच अधर में लटका अंडरब्रिज
संवाददाता: रूपचंद अग्रवाल
बिल्हा (छत्तीसगढ़) दिनांक: 20 जुलाई 2026 केंद्र सरकार द्वारा बिल्हा रेलवे स्टेशन को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ में शामिल कर क्षेत्र के नागरिकों को एक बड़ी सौगात दी गई थी, जिसकी शुरुआत भी काफी अच्छी रही। इसी योजना के तहत यात्रियों और आम जनता की सुविधा के लिए अंडरब्रिज निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन दुर्भाग्यवश, यह निर्माण कार्य आज तक अधूरा पड़ा हुआ है। रेलवे प्रशासन की इसी कछुआ चाल के कारण आज बिल्हा के नागरिक, स्थानीय व्यापारी, स्कूली छात्राएं और आम राहगीर भारी परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं।

फाटक खराब होने से मची अफरा-तफरी, दुर्घटना को आमंत्रण
आज दिनांक 20 जुलाई 2026 को सुबह ठीक 11:00 बजे अचानक रेलवे फाटक में तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते फाटक के दोनों ओर वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। सबसे चिंताजनक स्थिति कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला की सैकड़ों छात्राओं की देखी गई, जिन्हें स्कूल पहुंचने की जल्दी में दौड़कर रेलवे ट्रैक पार करना पड़ा। यह लापरवाही किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित कर सकती है। रेलवे फाटक बंद रहने या खराब होने के कारण एम्बुलेंस में मौजूद मरीजों की जान भी आफत में फंसी रहती है। आज स्थिति को बिगड़ता देख स्वयं संवाददाता रूपचंद अग्रवाल ने रेलवे पुलिस के जवानों के साथ मिलकर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में सहयोग किया।

वरिष्ठ नागरिकों का रास्ता रोक रहा तीन महीने से गिरा पीपल का पेड़
विभागीय उदासीनता का आलम यह है कि प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा हेतु बनाए गए रैंप पर पिछले तीन महीनों से एक भारी-भरकम पीपल का पेड़ काटकर गिरा दिया गया है। इसे आज तक हटाया नहीं गया है, जिससे बुजुर्गों को प्लेटफॉर्म तक आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नेताओं का आश्वासन भी रहा बेअसर, चौथी लाइन चालू होने पर बढ़ेगी आफत
विदित हो कि पूर्व में बिल्हा रेलवे स्टेशन पर डीआरएम (DRM) के आगमन के दौरान देश के माननीय सांसद तोखन साहू, क्षेत्र के लोकप्रिय व सर्वश्रेष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक एवं क्रेड़ा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी के समक्ष स्थानीय नागरिकों और पत्रकारों ने इन सभी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। उस दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा जल्द समाधान का आश्वासन भी मिला था, लेकिन जमीन पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।

बड़ा सवाल: नागरिकों का कहना है कि पूर्व में भी इस रेलवे फाटक पर कई बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। वर्तमान में जब यह हाल है, तो आने वाले दिनों में जब रेलवे की चौथी लाइन (4th Line) पूरी तरह चालू हो जाएगी, तब स्थिति कितनी भयावह होगी? इसका जवाब शायद रेलवे प्रशासन के पास भी नहीं है।
बिल्हा की जनता अब रेलवे प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से यह मांग कर रही है कि अंडरब्रिज का काम तत्काल युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए, रैंप से पेड़ हटाया जाए और फाटक की समस्याओं से हमेशा के लिए निजात दिलाई जाए।



