ब्युरो रिपोट उमाशंकर शुक्ला
संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर भाजपा चलाएगी ‘समरसता संकल्प अभियान’
जिले के प्रत्येक मंडल में निकलेगी पवित्र कलश यात्रा, समाज में एकता और समानता का देगी संदेश
4 अगस्त को रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और साधु-संतों की उपस्थिति में होगा कलश वितरण
बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी बिलासपुर शहर के जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं पावन जन्म जयंती के अवसर पर पार्टी ने एक अत्यंत पवित्र और जन-कल्याणकारी अभियान हाथ में लिया है। भाजपा संत रविदास जी के जीवन दर्शन, विचारों और सिद्धांतों को बिलासपुर जिले के प्रत्येक मंडल और जन-जन तक लेकर जाएगी। संत रविदास जी हमारे लिए प्रेरणापुंज और समरस समाज के प्रतीक हैं।

जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ने बताया कि भाजपा द्वारा आयोजित इस “समरसता संकल्प अभियान” के तहत पूरे जिले में पवित्र कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह अभियान अगले वर्ष माघ पूर्णिमा (संत रविदास जी की आगामी जन्म जयंती) तक निरंतर और सक्रिय रूप से चलेगा। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता समाज के हर वर्ग तक पहुँचकर संत रविदास जी की शिक्षाओं, एकता, संवेदनशीलता और समानता के संकल्पों को आत्मसात करने का संदेश देंगे।
वाराणसी की पवित्र माटी युक्त कलश का होगा पूजन व वितरण
अभियान की रूपरेखा की जानकारी देते हुए श्री सिंह ने बताया कि:
श्रीराम मंदिर में पूजन: वाराणसी से लाई गई माटी युक्त पवित्र कलश का पूजन प्रदेश की राजधानी के श्रीराम मंदिर में पूज्य साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ है।
कलश वितरण समारोह (4 अगस्त): कल, 4 अगस्त को रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में भव्य कलश वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
प्रमुख उपस्थिति: इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूज्य साधु-संत एवं विभिन्न समाजों के प्रमुख विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
संगठनात्मक संरचना: कार्यक्रम के दौरान ये पवित्र कलश प्रदेश के सभी 36 संगठनात्मक जिलों के जिलाध्यक्षों को सौंपे जाएंगे। इसके पश्चात प्रदेश के 479 मंडलों में कलशों का वितरण किया जाएगा।
दीपक सिंह ने अंत में कहा कि संत रविदास जी के समरस समाज के पावन संदेश को हर घर तक पहुँचाने के लिए यह पवित्र कलश पूरे बिलासपुर जिले में भ्रमण करेगा। इस यात्रा के माध्यम से पूरे जिले एवं प्रदेश में सामाजिक समरसता, भाईचारे और सद्भाव का एक नया वातावरण निर्मित होगा।



