सुरज वाधवानी की खास खबर
अखिल भारतीय रेहड़ी पटरी व्यवसाय महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक पांडे ने केंद्र सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया कि छोटे कारोबारी, रेहड़ी-पटरी पर कारोबार करने वाले व्यवसायियों को यूपीआई भुगतान पर छूट दी गई।
नई दिल्ली में चल रही यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाए जाने की चर्चाओं के बीच पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) द्वारा शुक्रवार को स्पष्ट किया गया है कि आम उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों के लिए यूपीआई भुगतान पूरी तरह से मुफ्त बना रहेगा। इस निर्णय का अखिल भारतीय रेहड़ी पटरी व्यवसाय महासंघ हृदय से स्वागत करता है।

पीसीआई ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वर्ष 2016 में लॉन्च होने के बाद से ही यूपीआई उपभोक्ताओं के लिए निःशुल्क रहा है और आगे भी निःशुल्क ही रहेगा। व्यक्तियों पर किसी भी प्रकार का ट्रांजेक्शन शुल्क लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। छोटे व्यापारियों को भी यूपीआई भुगतान स्वीकार करने पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक पांडे ने कहा कि केंद्र सरकार के इस जनहितैषी निर्णय से देश के करोड़ों रेहड़ी-पटरी, ठेले-खोमचे, छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है। डिजिटल इंडिया की असली सफलता यही है कि आज एक छोटा सा रेहड़ी वाला भी बिना किसी अतिरिक्त बोझ के यूपीआई से भुगतान ले पा रहा है। यदि एमडीआर लगाया जाता तो सबसे ज्यादा मार हमारे गरीब स्ट्रीट वेंडर्स पर पड़ती।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा छोटे कारोबारियों के हितों को प्राथमिकता दी है और यह फैसला उसी का प्रमाण है। इससे न सिर्फ ग्राहकों को बिना शुल्क के तत्काल डिजिटल भुगतान की सुविधा जारी रहेगी, बल्कि छोटे कारोबारियों का डिजिटल लेन-देन के प्रति विश्वास और बढ़ेगा।
अखिल भारतीय रेहड़ी पटरी व्यवसाय महासंघ केंद्र सरकार और पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया के इस स्पष्ट और स्वागत योग्य निर्णय के लिए आभार व्यक्त करता है।



