संवाददाता उमा खरे
कोल माफिया और खटारा सड़कों का कहर: सीपत के कुली में टेलर ने युवती को रौंदा, 2 घंटे तक नहीं पहुँची एम्बुलेंस
बिलासपुर (सीपत)। विकास के दावों के बीच सीपत क्षेत्र की सड़कें निर्दोष ग्रामीणों के लिए खूनी रेड कारपेट साबित हो रही हैं। देर रात कुली गाँव के पास कोल वाशरी के कोयला ढोने वाले एक बेकाबू टेलर ने बाइक सवार परिवार को बेरहमी से कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि बाइक सवार युवती की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई (शरीर दो टुकड़ों में कट गया), जबकि उसकी माँ गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।


स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर खड़े हुए गंभीर सवाल
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की संवेदनहीनता साफ उजागर हुई। तड़पती हुई घायल महिला के इलाज के लिए ग्रामीणों ने तत्काल ‘108’ एम्बुलेंस को संपर्क किया, लेकिन 2 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सरकारी वाहन मौके पर नहीं पहुँचा। अंततः ग्रामीणों को निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था कर घायल को अस्पताल पहुँचाना पड़ा।
घंटों देरी से पहुँची पुलिस टीम और सीपत थाना प्रभारी राजेश मिश्रा के रवैये को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन राहत कार्य की जगह केवल शव हटाने का फरमान सुनाता रहा, जिस पर ग्रामीणों ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई।
₹25,000 की अंतरिम सहायता नाकाफी, ग्रामीणों का आर-पार की लड़ाई का ऐलान
हंगामे के बाद प्रशासनिक अमले की ओर से पीड़ित परिवार को महज ₹25,000 की तात्कालिक आर्थिक सहायता देने का मौखिक आश्वासन दिया गया। हालांकि, ग्रामीणों ने इसे खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें आर्थिक मदद के बजाय सुरक्षित सड़क और भारी वाहनों से मुक्ति का स्थायी समाधान चाहिए।
प्रमुख मांगें और आगामी आंदोलन:
नो-एंट्री लागू हो: सीपत क्षेत्र की सड़कों पर कोल वाशरी के भारी वाहनों के प्रवेश पर तत्काल प्रतिबंध/नो-एंट्री लगाई जाए।
जर्जर सड़क और लापरवाही के लिए जिम्मेदार PWD विभाग, संबंधित कोल वाशरी प्रबंधन और दुर्घटनाकारित वाहन चालक पर आपराधिक मामला (FIR) दर्ज हो।
मांगें पूरी न होने पर ग्रामीणों ने शव के साथ चक्काजाम करने और सीधे बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।














