कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव की पहल से मिला मासूम का शव, भावुक गरीब परिवार ने जताया आभार
[उमाशंकर साहू बिलासपुर]: स्मार्ट कार्ड से इलाज कराने आए एक अत्यंत निर्धन परिवार के 10 दिन के नवजात शिशु की उपचार के दौरान मौत हो जाने और अस्पताल प्रबंधन द्वारा शव रोके जाने का अत्यंत मार्मिक मामला सामने आया है। ‘मिशन नव भारत’ के पदाधिकारियों और कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव की त्वरित पहल से पीड़ित परिवार को मासूम का शव मिल सका।
जानकारी के अनुसार, स्मार्ट कार्ड के जरिए इलाज कराने पहुँचे इस गरीब परिवार से अस्पताल प्रबंधन द्वारा इलाज के नाम पर 15 हजार रुपये की मांग की गई थी। इस बीच आज रात करीब 3 बजे मासूम बच्चे की मृत्यु हो गई। बच्चे की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन का दिल नहीं पसीजा और बकाया 5,700 रुपये की मांग करते हुए शव सौंपने से मना कर दिया गया।
पदाधिकारियों ने की त्वरित पहल:
इस दयनीय और अमानवीय स्थिति की जानकारी मिलते ही ‘मिशन नव भारत’ के जिलाध्यक्ष सूरज वाधवानी ने तत्परता दिखाई और विभिन्न माध्यमों से संपर्क साधते हुए अपने प्रदेश पदाधिकारी उमाशंकर साहू को स्थिति से अवगत कराया। फोन पर परिजनों का दर्द और पूरी घटना जान पदाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
विधायक की पहल और निज सचिव के हस्तक्षेप से सुलझा मामला:
इस घटना की जानकारी होते ही कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के निर्देश व पहल पर उनके निज सचिव प्रशांत शर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया। निज सचिव प्रशांत शर्मा ने फोन के माध्यम से अस्पताल प्रबंधन से सीधी बात की और परिवार की अत्यंत मार्मिक स्थिति से अवगत कराते हुए अस्पताल प्रशासन को हिदायत दी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने बकाया राशि की मांग छोड़ी, डिस्चार्ज की प्रक्रिया पूरी की और मासूम का शव परिजनों को सौंपा।
अस्पताल के चक्कर काट रहे और आर्थिक तंगी से जूझ रहे भावुक निर्धन परिवार ने संकट की इस घड़ी में संवेदनशीलता दिखाने और त्वरित मदद पहुँचाने के लिए कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, उनके निज सचिव प्रशांत शर्मा एवं ‘मिशन नव भारत’ की पूरी टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।



