दुर्ग में प्रदेश की पहली खुली जेल शुरू, अब बिलासपुर में भी जल्द खुलने की तैयारी
डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने किया शुभारंभ, 30 बंदियों को जेल से बाहर काम कर पुनर्वास का मिलेगा अवसर
बिलासपुर/दुर्ग, 22 सितंबर। छत्तीसगढ़ में जेल सुधार और बंदियों के पुनर्वास की दिशा में नई पहल करते हुए केंद्रीय जेल दुर्ग में प्रदेश की पहली खुली जेल (ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन—OCI) की शुरुआत की गई। मंगलवार को डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक मनीष संभाकर सहित जेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बंदी उपस्थित रहे।


राज्य शासन के जेल विभाग ने 21 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी कर केंद्रीय जेल दुर्ग के सेक्टर-बी, बैरक क्रमांक 17 को खुली जेल के रूप में अधिसूचित किया है। अधिसूचना कारागार अधिनियम, 1894 की धारा 59 की उपधारा (8) तथा छत्तीसगढ़ कारागार नियम, 1968 के तहत प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में जारी की गई है।
दुर्ग में उपलब्ध जेल अधोसंरचना का उपयोग करते हुए शुरू की गई इस खुली जेल में 30 बंदियों को रखने की व्यवस्था की गई है। चयनित बंदी सुबह जेल से बाहर जाकर निर्धारित कार्य कर सकेंगे और शाम को कार्य पूरा करने के बाद लॉकअप से पहले वापस जेल आएंगे। इसका उद्देश्य बंदियों को अनुशासन के साथ काम का अवसर देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
बिलासपुर में भी खुलेगी ओपन जेल
दुर्ग के बाद बिलासपुर में भी खुली जेल शुरू करने की योजना है। केंद्रीय जेल बिलासपुर पहले से प्रदेश की प्रमुख जेलों में शामिल है। राज्य में खुली जेल व्यवस्था के विस्तार को बंदियों के पुनर्वास और उन्हें परिवार व समाज से दोबारा जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दुर्ग में शुरू हुआ यह प्रयोग सफल रहने पर प्रदेश की अन्य जेलों में भी ऐसी व्यवस्था के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। बिलासपुर में खुली जेल प्रारंभ होने से चयनित बंदियों को रोजगार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में अवसर मिलने की उम्मीद है।



