शासकीय जमीन पर कब्जे की तैयारी? खंभे गाड़कर लगाया बोर्ड, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
संवाददाता : अश्वनी यादव
बिलासपुर/तखतपुर। ग्राम पंचायत मुरु में शासकीय भूमि पर एक समाज द्वारा खंभे गाड़कर बोर्ड लगाए जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित भूमि पर पहले खंभे लगाए गए और अब बोर्ड लगाकर जमीन पर अपना दावा जताने की कोशिश की जा रही है। मामले को लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने राजस्व विभाग का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मौके की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो भविष्य में शासकीय भूमि को लेकर विवाद बढ़ सकता है।
बताया गया है कि संबंधित भूमि खसरा नंबर 36/1, रकबा 3.50 एकड़ है। ग्रामीणों के अनुसार राजस्व अभिलेख में भूमि की स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद वहां खंभे और बोर्ड लगाए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर किसकी अनुमति से शासकीय जमीन पर इस तरह की गतिविधि की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का स्थल निरीक्षण, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण, घेराबंदी या अन्य गतिविधि नहीं होने देने की मांग की गई है।

बोर्ड लगते ही बढ़ी हलचल, कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय भूमि पर किसी समाज, संस्था या व्यक्ति द्वारा सक्षम अनुमति के बिना किसी तरह की गतिविधि नहीं होनी चाहिए। खंभे और बोर्ड लगाए जाने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट नहीं की तो मामला आगे चलकर और जटिल हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी स्पष्ट करने की मांग की है कि भूमि किस मद में दर्ज है, वर्तमान में उसका उपयोग क्या है और वहां खंभे व बोर्ड लगाने की अनुमति किस स्तर से दी गई है।
ग्राम पंचायत मुरु की ओर से राजस्व अधिकारियों को सौंपे गए आवेदन में मामले की निष्पक्ष जांच कर शासकीय भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे और यदि जांच में अनधिकृत कब्जे अथवा कब्जे के प्रयास की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब पूरे मामले में राजस्व विभाग की जांच और आगामी कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर है।



