संवाददाता जय प्रकाश यादव
श्री दिव्या ज्योति सेवा समिति, ग्राम अमसेना, जिला-बिलासपुर (छ.ग.) द्वारा आयोजित शारदीय नवरात्रि महोत्सव एवं माँ महामाया का दिव्य दरबार
जय माता दी!
हमारे ग्राम अमसेना, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में स्थित प्राचीन सिद्धपीठ माँ महामाया मंदिर का इतिहास बहुत ही पुराना और चमत्कारी है। हमारे बुजुर्गों के अनुसार यहाँ माँ महामाया स्वयं विराजमान हैं और यहाँ सच्चे मन से माँगी गई हर मन्नत पूरी होती है।
इसी पावन धरोहर को आगे बढ़ाते हुए श्री दिव्या ज्योति सेवा समिति, ग्राम अमसेना द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर भव्य आयोजन किया जा रहा है।




नवरात्रि का महत्व:
नवरात्रि के नौ दिन माँ आदिशक्ति के नौ रूपों की आराधना के दिन हैं। इस दौरान माँ महामाया की विशेष पूजा, श्रृंगार, अखंड ज्योति और महाआरती से पूरा अमसेना गाँव भक्तिमय हो जाता है। मान्यता है कि प्राचीन महामाया मंदिर के दर्शन मात्र से ही भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
समिति द्वारा नवरात्रि के नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह-शाम महाआरती, जसगीत और प्रसाद का व्यवस्थाएं भी बढ़िया रहता है
अतः समस्त ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों से विनम्र निवेदन है कि सपरिवार पधारकर प्राचीन माँ महामाया के दिव्य दर्शन का लाभ उठायें और इस धार्मिक आयोजन को सफल बनायें।
निवेदक:
समस्त ग्रामवासी एवं सदस्य
श्री दिव्या ज्योति सेवा समिति, ग्राम अमसेना, जिला बिलासपुर (छ.ग.)


