सकरी का निगरानी बदमाश अपने साथी समेत गिरफ्तार, सूने मकानों के ताले तोड़ने वाले गिरोह का पर्दाफाश
बिलासपुर (छत्तीसगढ़): शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर लगाम कसते हुए सकरी पुलिस ने एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने क्षेत्र के एक निगरानी बदमाश सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बंद घरों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी महेंद्र उर्फ मोनू प्रजापति (24 वर्ष) और महेंद्र साहू (39 वर्ष) पेशेवर तरीके से काम करते थे। ये आरोपी पहले पॉश कॉलोनियों जैसे ‘साईं नेचर सिटी’ और ‘नारायणी होम्स’ में ऐसे घरों को चिन्हित करते थे जो कुछ समय से बंद हों। इसके बाद देर रात लोहे की रॉड से ताला तोड़कर अलमारी से नगदी पार कर देते थे।
विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि इन आरोपियों ने हाल ही में दो प्रमुख वारदातों को अंजाम दिया था: साईं नेचर सिटी: 16 अप्रैल 2025 को प्रार्थी के घर से 15 हजार रुपये नगद चोरी किए।
नारायणी होम्स, संबलपुरी: 21 नवंबर 2025 को प्रार्थी शिव कुमार के घर का ताला तोड़कर 20 हजार रुपये नगद उड़ा लिए।
इन दोनों मामलों में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।

मुखबिर की सूचना और पुलिस की घेराबंदी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (IPS) के निर्देश पर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, थाना प्रभारी सकरी विजय चौधरी ने अपनी टीम को सक्रिय किया। मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली कि निगरानी बदमाश मोनू प्रजापति अपने साथी के साथ किसी बड़ी वारदात की फिराक में है। पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
लोहे की भारी रॉड (ताला तोड़ने हेतु)
धारदार चाकू
जेल भेजे गए आरोपी
सकरी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही पूरी कर उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेशानुसार, दोनों अपराधियों को केंद्रीय जेल बिलासपुर की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस सफल कार्यवाही में निरीक्षक विजय चौधरी के साथ एएसआई सुरेंद्र तिवारी, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीकान्त कश्यप, मालती तिवारी और आरक्षक आशीष शर्मा, अफ़ाक़ ख़ान, पवन बंजारे, सुमन्त कश्यप एवं विनेंद्र कौशिक का विशेष योगदान रहा।


