न्यायधानी में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं: सरकंडा पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर कसा शिकंजा, धारा 170 BNSS के तहत कार्यवाही
बिलासपुर। न्यायधानी में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए बिलासपुर पुलिस इन दिनों एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में थाना सरकंडा ने असामाजिक तत्वों और आदतन बदमाशों के खिलाफ एक बड़ी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करते हुए क्षेत्र में हलचल मचा दी है। पुलिस की इस सक्रियता का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों और शहर की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना है।
संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर
सरकंडा थाना प्रभारी को पिछले कुछ समय से मुखबिरों के माध्यम से सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र के कुछ चिन्हित इलाकों में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त हैं। ये तत्व न केवल सार्वजनिक स्थानों पर जमावड़ा लगाकर आम राहगीरों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे थे, बल्कि इनके द्वारा क्षेत्र की शांति भंग होने की प्रबल आशंका भी बनी हुई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशों पर एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने सूचना के आधार पर तत्काल घेराबंदी की और तीन मुख्य संदिग्धों को हिरासत में लिया।
धारा 170 BNSS के तहत बड़ी कार्यवाही
पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की है। पकड़े गए आरोपियों का विवरण:
शंकर गौराहा: पिता सुरेश गौराहा (26 वर्ष), निवासी- अटल आवास, अशोक नगर, सरकंडा।
नीरज यादव: पिता राजू यादव (21 वर्ष), निवासी- अटल आवास, अशोक नगर, सरकंडा।
साहिल चौथानी: पिता सन्नी चौथानी (18 वर्ष), निवासी- बंगालीपारा, गली नंबर 03, सरकंडा।
अटल आवास और बंगालीपारा पुलिस के रडार पर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अशोक नगर स्थित अटल आवास और बंगालीपारा जैसे घने बसे इलाकों में पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। इन क्षेत्रों से लगातार छोटी-मोटी झड़पों और संदिग्ध जमावड़े की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस की इस कार्यवाही से अपराधियों के बीच स्पष्ट संदेश गया है कि किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या अशांति फैलाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

