पुलिस को मिली बड़ी सफलता: बीट सिस्टम और सटीक सूचना संकलन से 09 चोरियों का खुलासा
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ थाना सकरी पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और “नये बीट सिस्टम” के प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र में सक्रिय शातिर चोरों के गिरोह को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुल 09 अलग-अलग चोरी के मामलों का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों और तीन विधि से संघर्षरत बालकों को हिरासत में लिया है।
बीट आरक्षकों की सक्रियता: पुलिस अधीक्षक द्वारा संचालित नए बीट सिस्टम के तहत आरक्षकों ने गोपनीय सूचनाएं एकत्र कर संदिग्धों की पहचान की।

09 वारदातों का खुलासा: आरोपियों ने क्षेत्र के विभिन्न स्थानों (चोरभट्टी, देवरीकला, घुरू, गिरधौना, बंधवापारा, संबलपुरी) में चोरी करना स्वीकार किया।
बरामदगी: आरोपियों के कब्जे से पंप, कीमती चांदी के जेवर, इलेक्ट्रॉनिक्स और नकद राशि बरामद की गई।
अरविंद पटेल (20 वर्ष), पिता अनिल पटेल, निवासी: धुरीपारा मंगला, थाना सिविल लाईन, बिलासपुर।
आशीष रजक (20 वर्ष), पिता सुखनंदन रजक, निवासी: धुरीपारा मंगला, थाना सिविल लाईन, बिलासपुर।
03 विधि से संघर्षरत बालक।
बिलासपुर उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देशानुसार चोरी के लंबित प्रकरणों (अपराध क्रमांक 74/2026 से 331/2026 तक) में त्वरित कार्यवाही हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री पंकज कुमार पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाईन) श्री निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सकरी विजय चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी।
जांच के दौरान बीट आरक्षकों से प्राप्त सूचना के आधार पर संदिग्ध अरविंद पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, किंतु कड़ी पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सकरी क्षेत्र के 09 अलग-अलग स्थानों पर ताला तोड़कर चोरी करना स्वीकार किया।
मशीनरी: 01 समरसीबल पंप, 01 स्पीयर पंप।
धातु व तार: कॉपर तार, केबल, बिजली वायर, स्टील के नल।
जेवरात: चांदी की करधन, अंगूठी, चांदी की पायल, चांदी का चम्मच।
इलेक्ट्रॉनिक्स व अन्य: 01 टीवी, 05 सीलिंग फैन, कांसे का लोटा एवं थाली।
नगद: 700 रुपये (शेष राशि आरोपियों ने खर्च करना बताया)।
इस महत्वपूर्ण कार्यवाही में निरीक्षक विजय चौधरी, सउनि राजकुमार वस्त्रकार, प्रआर लक्ष्मीकांत कश्यप, रूपेश तिग्गा, चोलाराम पटेल, रवि कुमार लहरे, आरक्षक अफाक खान, आशीष शर्मा, पवन बंजारे और मनोज बघेल की विशेष भूमिका रही।
आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


