अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह पस्त, 2 करोड़ का हिसाब और 7 आरोपी गिरफ्तार”
सकरी पुलिस को मिली बड़ी सफलता: अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़
बिलासपुर (छत्तीसगढ़): पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के निर्देशानुसार सट्टेबाजों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, थाना सकरी पुलिस और एसीसीयू (ACCU) टीम ने एक बड़ी संयुक्त कार्यवाही करते हुए अंतर्राज्यीय सट्टा गिरोह को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन माध्यम से लूडो और आईपीएल क्रिकेट पर करोड़ों का दांव लगवा रहा था।

बीट सिस्टम की कामयाबी: बीट प्रणाली से मिली सटीक सूचना के आधार पर हुई कार्यवाही। करोड़ों का सट्टा: मोबाइल विश्लेषण में 2 करोड़ रुपये से अधिक के सट्टे का लेनदेन मिला। बरामदगी: 21 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 13 एटीएम कार्ड, 8 पासबुक और 1 क्रेटा कार जब्त।संगठित अपराध: आरोपियों के विरुद्ध जुआ प्रतिषेध अधिनियम के साथ संगठित अपराध के तहत मामला दर्ज।

दिनांक 29-04-2026 को थाना सकरी पुलिस एवं एसीसीयू टीम को तकनीकी सहायता से सूचना मिली कि ‘ओम स्पेस कॉलोनी’ सकरी में कुछ लोग अवैध ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। पुलिस ने तत्काल दबिश देकर मौके से गिरोह के सरगना राहुल छाबड़ा सहित अन्य साथियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में पता चला कि राहुल छाबड़ा, जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, अन्य राज्यों के सट्टेबाजों के संपर्क में था और बड़े पैमाने पर ऑनलाइन नेटवर्क चला रहा था। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि अन्य राज्यों में फैले इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचा जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
राहुल छाबड़ा (सरगना), पिता मोहन लाल छाबड़ा (30 साल) – सरकंडा, बिलासपुर।
ओमप्रकाश नागवानी, पिता विजय कुमार नागवानी (21 साल) – सागर (म.प्र.), हाल मुकाम सकरी।
आशीष सोमानी, पिता मनोहर लाल सोमानी (37 साल) – बालाघाट (म.प्र.)।
कैलास चावला, पिता चंद्र लाल चावला (26 साल) – कटनी (म.प्र.)।
विजय नागवानी, पिता केशव नागवानी (42 साल) – कटनी (म.प्र.)।
दिनेश लालवानी, पिता माधव दास लालवानी (19 साल) – कटनी (म.प्र.)।
विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग)।
बरामद सामग्री (जप्ती):
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: 21 नग मोबाइल फोन, 03 नग लैपटॉप।
वित्तीय दस्तावेज: 13 नग एटीएम कार्ड, 08 नग बैंक पासबुक।
वाहन: 01 सफेद रंग की क्रेटा कार (क्रमांक MP 18 ZB 8565)।
अपराध क्रमांक: 365/2026 धाराएं: 7(2) छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम एवं 112 बीएनएस (BNS)।
आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


