सुरज वाधवानी की खास खबर
तपती दुपहरी में यात्रियों को परोसा गया पारंपरिक सिंधी भोजन, सेवा भाव की हुई सराहना
बिलासपुर/भीषण गर्मी और तपती दुपहरी के बीच मानवता और सेवा की एक अनूठी मिसाल स्थानीय हाई टेक बस स्टैंड पर देखने को मिली। दोपहर ठीक 12 बजे, जब सूरज का पारा सातवें आसमान पर था, तब सेवाभावी साथियों द्वारा बस स्टैंड पर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष भोजन सेवा का आयोजन किया गया।

इस पुनीत कार्य में मुख्य रूप से सेवादार श्री चंदर मंगतानी जी, श्री विकास घई जी एवं सतराम भैया ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन सेवादारों ने कड़ी धूप की परवाह न करते हुए नि:स्वार्थ भाव से आगंतुक यात्रियों को भोजन वितरित किया।
सिंधी व्यंजनों का रहा विशेष आकर्षण
इस सेवा की सबसे खास बात यह रही कि यात्रियों को ठेठ पारंपरिक सिंधी व्यंजन—’सुहिणि बेसिणि भाजी’ (मुनगे और बेसन की सब्जी) और ‘चावरन जो ढोढो’ (चावल के आटे की रोटी) परोसी गई।

इस स्वादिष्ट और सात्विक भोजन का स्वाद चखकर यात्री गण उंगलियां चाटते रह गए। सफर की थकान और गर्मी से परेशान यात्रियों ने इस स्वादिष्ट भोजन और सेवादारों के इस आत्मीय प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की।
अंत में, उपस्थित जनों और सेवादारों ने “जिए सिंध, जय हिंद” के गगनभेदी नारों के साथ इस सेवा उत्सव का समापन किया। यह आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायी है कि कैसे विपरीत मौसम में भी मानवता की सेवा की जा सकती है।


