बिलासपुर में बिजली विभाग की मनमानी चरम पर: रात-रात भर बत्ती गुल, मासूम बच्चों और मरीजों का जीना मुहाल
बिलासपुर।न्यायधानी बिलासपुर में बिजली विभाग की घोर लापरवाही और अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता का जीना दूभर कर दिया है। शहर के हालात आज ग्रामीण इलाकों से भी बदतर हो चुके हैं। पिछले कुछ समय से रोज रात को बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली बंद कर दी जा रही है, जिसने बिलासपुर वासियों की रातों की नींद छीन ली है।
मासूमों और बुजुर्गों की चीखें सुनने वाला कोई नहीं
इस भीषण गर्मी और उमस के मौसम में रात भर लाइट बंद रहने के कारण सबसे ज्यादा बुरा असर मासूम बच्चों, बुजुर्गों और बीमार मरीजों पर पड़ रहा है। घरों में छोटे-छोटे बच्चे गर्मी से बिलख रहे हैं। मासूम बच्चों की चीखें और उनके मासूम सवाल—”बिजली वाले भैया लाइट कब आएगी?”—विभाग के बहरे कानों तक नहीं पहुँच रहे हैं। बुजुर्ग और सांस व दिल की बीमारी से पीड़ित मरीज रात भर बिना सोए केवल तड़पने को मजबूर हैं।
गांव से बदतर हुए शहर के हालात
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिजली विभाग अपनी मनमानी पर उतारू है। मेंटेनेंस के नाम पर दिन में तो कटौती की ही जाती है, लेकिन अब बिना किसी वजह के रोज रात को भी घंटों के लिए सप्लाई बंद कर दी जाती है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी या तो फोन नहीं उठाते या फिर गोल-मोल जवाब देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
बिजली विभाग के इस तानाशाही और संवेदनहीन रवैये के खिलाफ बिलासपुर की जनता में भारी आक्रोश है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि रात में की जा रही इस अघोषित बिजली कटौती को तुरंत बंद नहीं किया गया और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो शहरवासी बिजली दफ्तर का घेराव कर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और प्रशासन की होगी।


