बिलासपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ड्रोन कैमरे की मदद से गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, 5 नाबालिगों सहित 7 आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर (छत्तीसगढ़):वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘नशामुक्त अभियान’ के तहत थाना सरकंडा पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आधुनिक तकनीक (ड्रोन कैमरे) का इस्तेमाल कर घेराबंदी की और 5 नाबालिगों सहित कुल 7 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में गांजा और एक धारदार चाकू बरामद किया गया है।
ड्रोन से निगरानी और घेराबंदी:
थाना सरकंडा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चांटीडीह और चिंगराजपारा क्षेत्र में नाबालिग बच्चों के माध्यम से गांजे की बिक्री की जा रही है। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरकंडा थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरे से निगरानी रखकर संदिग्ध स्थानों को चिन्हांकित किया।

दिनांक 1 जून, 2026 की सुबह पुख्ता सूचना मिली कि कुंदरू बाड़ी (चिंगराजपारा) के पास कुछ लोग गांजा खपाने की नीयत से जमा हैं। समय की कमी को देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर 7 शातिर नशा तस्करों को दबोच लिया।
बरामदगी एवं कानूनी कार्रवाई:
पकड़े गए आरोपियों में कुश यादव (25 वर्ष), दीपक साहू (18.6 वर्ष) और 5 विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) शामिल हैं, जिन्हें पैसों का लालच देकर इस दलदल में धकेला गया था।
- कुल जब्ती: 07 पैकेट अवैध गांजा (कुल वजन: 6.744 किलोग्राम) और 01 धारदार चाकू।
- अनुमानित कीमत: जप्त गांजे का बाजार मूल्य लगभग ₹3,35,000/- आंका गया है।
चाकू बरामद होने के कारण मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के साथ-साथ 25 आर्म्स एक्ट भी जोड़ा गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। पुलिस अब इस अवैध कारोबार के मुख्य मास्टरमाइंड और नशे के स्रोतों का पता लगा रही है।
बिलासपुर पुलिस की अपील: नशे के कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए नागरिक पुलिस का सहयोग करें। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें, आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।


