कांकेर सरकारी स्वास्थ्य विभाग में उठे गंभीर सवाल: जिला अस्पताल के डॉक्टर पर नियमों को ताक पर रखकर निजी प्रैक्टिस करने का आरोप
कांकेर जिले के सरकारी स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों व्यवस्थाओं और डॉक्टरों की निष्ठा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला अस्पताल कांकेर में पदस्थ डॉक्टर दीपक पर शासकीय नियमों और चिकित्सा की धज्जियां उड़ाने का एक बड़ा मामला सामने आया है।


मिली जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं देने वाले डॉक्टर दीपक सरकारी कर्तव्यों के अलावा बाहरी क्षेत्रों में सक्रिय रूप से निजी (प्राइवेट) और पर्सनल सेवाएं दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे चारामा स्थित मदरमेरी हॉस्पिटल सहित क्षेत्र के कई अन्य निजी चिकित्सा संस्थानों में नियमित रूप से निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं।
शासकीय नियमों के मुताबिक, सरकारी डॉक्टरों को इस तरह से निजी क्लीनिकों या अस्पतालों में सेवाएं देने की सख्त मनाही है। डॉक्टर दीपक का यह कृत्य न केवल सरकारी सेवा शर्तों के खिलाफ है, बल्कि सीधे तौर पर चिकित्सा आचार संहिता का खुला उल्लंघन भी है। आरोप है कि डॉक्टर सरकारी अस्पताल को केवल एक जरिया बनाकर निजी स्तर पर मोटी कमाई करने में जुटे हुए हैं।
इस मामले के उजागर होने के बाद स्थानीय नागरिकों और मरीजों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि एक तरफ जहां जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण दूर-दराज से आने वाले गरीब मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पाता, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार सरकारी डॉक्टर निजी अस्पतालों को समृद्ध करने में लगे हैं।
इस गंभीर अनियमितता के सामने आने के बाद अब जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठ रही हैं। जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता बहाल हो सके।
