संवाददाता उमा खरे की रिपोट
ग्राम पंचायत दर्राभाठा में 15वें वित्त की राशि में लाखों का फर्जीवाड़ा, सरपंच पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
मस्तूरी / बिलासपुर:जनपद पंचायत मस्तूरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत दर्राभाठा से भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी और ऑनलाइन दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम पंचायत के सरपंच एनल धृतलहरे पर 15वें वित्त आयोग की राशि में सीसी रोड निर्माण, बोर खनन, हैंडपंप मरम्मत और मोटर पंप खरीदी के नाम पर बिना कार्य कराए लाखों रुपये के फर्जी भुगतान और गबन का आरोप लगा है।

मामले के मुख्य बिंदु एवं वित्तीय अनियमितता:
- कागजों पर सीसी रोड, जमीन पर सन्नाटा: ग्राम पंचायत की बैठक (दिनांक 27/06/2025) में वार्ड क्रमांक 12 में सीसी रोड कंक्रीटिंग निर्माण के लिए सर्वसहमति से प्रस्ताव पारित किया गया था। प्रस्ताव के बाद जयरामनगर स्थित एक्सिस बैंक खाता (क्र. 915910043996833) से चेक क्रमांक 107333 के माध्यम से ₹60,000 तथा ₹80,500 की राशि आहरित कर ली गई। आरोप है कि राशि आहरण के बावजूद आज तक वार्ड क्रमांक 12 में कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया है।
- हैंडपंप मरम्मत के नाम पर फर्जी बिलिंग: 15वें वित्त की राशि से दिनांक 23/06/2025 को विजय श्रीवास के नाम पर ₹34,225 और कमलेश पंप वाले को ₹92,200 का भुगतान दर्शाया गया है, जिसकी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल से उजागर हुई है।
- मोटर पंप खरीदी में भारी झोल:
- 21/04/2025 को 5 HP विद्युत मोटर पंप खरीदी के नाम पर गुरुनानक हार्डवेयर को ₹12,767 का भुगतान किया गया।
- वहीं, 5 HP मोटर खरीदी के लिए अलग से ₹83,700 का भुगतान वाउचर लगाया गया।
- इसके अलावा 1.5 HP मोटर पंप के नाम पर भी ₹22,370 का भुगतान दर्शाया गया है।
- बिना बोर खनन और स्थापना के लाखों का आहरण: ग्राम पंचायत द्वारा विजय श्रीवास को बोर खनन एवं मोटर सत्यापन के नाम पर ₹1,58,760 का भुगतान किया गया, जबकि प्रत्यक्ष रूप से गांव में कोई नया बोर खनन या पंप नहीं लगाया गया है। इसी प्रकार कमला पंप बोर मोटर कार्य सामग्री के नाम पर ₹1,45,609 का वाउचर लगाकर सरकारी खजाने को चपत लगाई गई है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग:
गांव में बिना कोई विकास कार्य कराए, फर्जी वाउचर और बिलों के सहारे शासकीय राशि के आहरण से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद सीईओ एवं वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषी सरपंच के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।






