ईश्वर के शरण व सानिध्य के बिना मोक्ष असंभव पंडित श्री शिवम शुक्ला जी महाराज-
सवांदाता रूपचंद अग्रवाल की रिपोर्ट –
परमपिता परमेश्वर की असीम अनुकंपा से गावड़ीवाल परिवार द्वारा आयोजित पितृ मोक्छार्थ् गया श्राद्ध श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा प्रयागराज से पधारे पंडित श्री शिवम शुक्ला जी महाराज के मुखारविंद से निरंतर प्रवाह से चल रही हैl सत्य ईश्वर है और परमपिता परमात्मा पूर्ण सत्य है उनके शरण व सानिध्य के बिना मोक्ष की प्राप्ति असंभव हैl ईश्वर व श्रीमद् भागवत महापुराण ग्रंथ में निर्धारित कर्मों के राह पर चलकर ईश्वर के चरणों में पूर्ण शरणागत ही जीवन मृत्यु के बंधन से छुटकारा दिला सकती हैl



जब-जब पृथ्वी पर अधर्म व आताताइयों का आतंक बड़ा है तब ईश्वर ने विभिन्न रूपों में अवतार लिया चाहे वह कृष्ण रूप में,राम के रूप में,नरसिंह के रूप में,वामन के रूप में,शिव के रूप में अवतार लेकर अपने विभिन्न लीलाओं के माध्यम से लोगों का मार्ग प्रशस्त कर अधर्मियों का नाश कर उनका अंत कर विश्व को एक नई दिशा दीl हर व्यक्ति नियत व कर्मों से बना हुआ हैl हर का कर्म पूर्ण


निश्चित धर्म,अर्थ काम व मोक्ष के रास्ते में चलकर ही पुरुषार्थ के माध्यम से 84 लाख योनियों के जन्म मरण के बंधनों से मुक्त होकर अपने सद्गति को प्राप्त कर सकता हैl श्रीमद् भागवत के महत्व मंगलाचरण कुंती व भीष्म स्तुति सुखदेव कथा कपिल उपाख्यां शिव गुरु चरित्र,प्रहलाद चरित्र,वामन चरित्र, श्री राम व कृष्ण का जन्म, उनके बाल लीला,माखन चोरी, गोवर्धन पूजा, महारास लीला,गोपी उद्धव संवाद, कंश वध, रुक्मणी विवाह व सुदामा चरित्र के माध्यम से लोगों को एक नई दिशा सत्य के राह पर चलते हुए शांतचित व पवित्र भाव से अपने नित्य कर्मों को काटने से ही ईश्वर की शरणागति को प्राप्त कर सकते हैंl सभी समुदायों के साथ-साथ ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के भागवत प्रेमी कथा स्थल पर पहुंचकर कथा के साथ ही विभिन्न झाँकियों के माध्यम से नाचते गाते भागवत महापुराण कथा का श्रवण कर आनंद की अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं l पूरा बिल्हानगर धार्मिक वातावरण से परिपूर्ण नजर आ रहा हैl



