कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने सेंट्रल लाइब्रेरी एवं मावा मोदोल निःशुल्क कोचिंग संस्थान का किया अवलोकनविद्यार्थियों से रू-ब-रू होकर सुनी उनकी तैयारियों और संघर्ष की कहानी,
‘यूथ शुड एम हाई’ का दिया संदेश
उत्तर बस्तर कांकेर, 23 सितंबर 2026/ कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी ने आज पुरानी कचहरी परिसर स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी एवं मावा मोदोल निःशुल्क कोचिंग संस्थान का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से रू-ब-रू होकर उनकी पढ़ाई, तैयारियों और आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली तथा उन्हें निरंतर मेहनत और बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने सबसे पहले सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन किया। उन्होंने उपस्थिति पंजीयन रजिस्टर का अवलोकन करने के साथ लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तकों की जानकारी ली। उन्होंने पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों का रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर आधारित करने तथा विद्यार्थियों के लिए क्यूआर आधारित उपस्थिति व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को जानकारी मिली कि लाइब्रेरी की पुस्तकें विद्यार्थियों को घर ले जाने के लिए उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। इस पर उन्होंने विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित अवधि के लिए पुस्तकें विद्यार्थियों को निर्गत करने के निर्देश लाइब्रेरियन को दिए, ताकि वे घर पर भी अध्ययन कर सकें। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी में कर्मचारी की नियुक्ति प्रतिनियुक्ति के आधार पर न किया जाकर नियमानुसार लाइब्रेरियन की भर्ती किया जावे तथा प्रतिनियुक्ति में कार्यरत कर्मचारी को उनकी मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने लाइब्रेरी में अध्ययनरत विद्यार्थियों से वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं आवश्यकताओं के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया। बीआईटी रायपुर से इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके विद्यार्थी लोकेश देहारी से उन्होंने उनकी शैक्षणिक यात्रा और वर्तमान में यूपीएससी की तैयारी के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने उनसे यह भी पूछा कि वे अब तक किस प्रकार आगे बढ़े और उन्हें पढ़ाई के साथ कार्य एवं अन्य जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इसी तरह पीजी कॉलेज कांकेर के छात्र हर्ष गुप्ता से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को लाइब्रेरी का अधिकतम उपयोग करने, पढ़ाई के दौरान मोबाइल फोन एवं सोशल मीडिया से होने वाले अनावश्यक विचलन से बचने तथा नियमित अभ्यास पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ‘यूथ शुड एम हाई’ अपने लक्ष्य और सोच को बड़ा रखें तथा मंजिल पर पूरा फोकस करते हुए निरंतर प्रयास करें।
कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने मावा मोदोल निःशुल्क कोचिंग संस्थान का अवलोकन किया और वहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी तैयारियों के साथ-साथ व्यक्तिगत संघर्ष और अब तक की यात्रा के बारे में उनकी जानकारी ली। इस दौरान सीजी पीएससी मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकीं छात्रा सुश्री प्रतिभा कुंजाम ने कलेक्टर से साक्षात्कार की तैयारी को लेकर सवाल किए। कलेक्टर ने उनसे व्यक्तिगत रूप से चर्चा करते हुए इंटरव्यू की तैयारी के संबंध में आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि साक्षात्कार में आत्मविश्वास महत्वपूर्ण है, साथ ही स्वयं को प्रभावी एवं सहज तरीके से प्रस्तुत करने पर भी काम करना चाहिए। उन्होंने प्रतिभा को अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने, विषय की समझ मजबूत करने और आत्मविश्वास के साथ साक्षात्कार का सामना करने के लिए प्रेरित किया। छात्रा सुश्री सुचेता मरकाम सहित अन्य विद्यार्थियों से भी कलेक्टर ने बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर निरंतर मेहनत करने और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए अनावश्यक डिस्ट्रैक्शन से दूर रहना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही विद्यार्थियों को सामाजिक रूप से सक्रिय भी रहना चाहिए। अपने सहपाठियों और आसपास के लोगों से संवाद करने, अपनी बात साझा करने और दूसरों को समझने से कम्युनिकेशन स्किल बेहतर होती है तथा झिझक और सोशल एंग्जायटी को दूर करने में मदद मिलती है।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन, निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और बेहतर संवाद कौशल के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विद्यार्थी अपने लक्ष्य के लिए पूरी गंभीरता से प्रयास करें। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश निषाद, डीएमसी नवनीत पटेल सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान बताया गया कि मावा मोदोल निःशुल्क कोचिंग सेंटर कांकेर से अब तक 89 युवाओं का चयन विभिन्न पदों के लिए हो चुका है।




