बिलासपुर जिला कांग्रेस का प्रदर्शन: ‘वोट चोरी’ और SIR के विरोध में 28 सितंबर को निकलेगा मार्च, CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
बिलासपुर। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के देशव्यापी आह्वान पर बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर/ग्रामीण) 28 सितंबर 2026 को बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। सुबह 11:30 बजे कांग्रेस भवन से कलेक्ट्रेट तक एक विशाल विरोध मार्च निकाला जाएगा, जिसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
कांग्रेस का यह प्रदर्शन निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर खड़े हो रहे गंभीर सवालों के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। पार्टी ने इसे अपने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दूसरे चरण का हिस्सा बताया है।
अपने आरोपों के समर्थन में कांग्रेस ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया है, जिनके अनुसार निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के भीतर विभिन्न फैसलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई थीं। आपत्तियों में बिना जानकारी फैसले लेने, मतदाता पंजीकरण (Form-6) में बदलाव, मतदाता सूची से नाम हटाने/जोड़ने, चुनावी डेटा प्रबंधन और ERONet प्रणाली के नियंत्रण को दिल्ली में केंद्रीकृत किए जाने जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं। आयुक्तों द्वारा कुछ कदमों को अनधिकृत बताए जाने से पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
बिलासपुर जिला कांग्रेस का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आड़ में चुनावी तंत्र का इस्तेमाल सत्तारूढ़ भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। जिला नेतृत्व का कहना है कि इन खुलासों से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा ‘वोट चोरी’ और चुनावी गड़बड़ियों को लेकर उठाए गए सवालों को बल मिला है। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए SIR और सभी महत्वपूर्ण निर्णयों को सर्वसम्मत बताया है।
कांग्रेस की 3 मुख्य मांगें:
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।
- ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- उनके कार्यकाल में लिए गए सभी निर्णयों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
जिला कांग्रेस कमेटी (शहर/ग्रामीण) ने जिले के सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, अग्रिम संगठनों, विभागों, प्रकोष्ठों और कार्यकर्ताओं से 28 सितंबर को सुबह 11:30 बजे कांग्रेस भवन में एकत्र होकर इस विरोध मार्च को सफल बनाने की अपील की है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता बहाल नहीं होती और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।



