
बिलासपुर-जिला पंचायत अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास कार्य स्वीकृत किए जाकर कार्य कराए जा रहे हैं। किंतु कई स्थानों पर ग्राम पंचायतों द्वारा बार-बार मांग एवं आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बावजूद आवश्यक एवं जनहित से जुड़े कार्यों की स्वीकृति प्रदान नहीं की जा रही है, जिससे ग्रामीणों को आवश्यक मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।
- ग्राम पंचायत हिंदाडीह के आश्रित ग्राम हरदाडीह में मुक्तिधाम निर्माण की आवश्यकता :-
ग्राम पंचायत हिंदाडीह के आश्रित ग्राम हरदाडीह में मुक्तिधाम का अभाव है। ग्रामीणों को अंतिम संस्कार हेतु उचित स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों द्वारा मुक्तिधाम निर्माण हेतु कई बार मांग एवं आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बावजूद तथा शासन स्तर से मुक्तिधामविहीन ग्रामों में मुक्तिधाम स्वीकृत किए जाने संबंधी निर्देशों के पश्चात भी अभी तक उक्त कार्य की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है।
अतः उक्त ग्राम की वास्तविक आवश्यकता एवं जनहित को दृष्टिगत रखते हुए मुक्तिधाम निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाना आवश्यक है।
- ग्राम पंचायत जोंकी में आंगनबाड़ी भवन की आवश्यकता :-
इसी प्रकार ग्राम पंचायत जोंकी अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र का भवन जर्जर स्थिति में है। वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्र किराए के मकान में संचालित किया जा रहा है। भवन की स्थिति संतोषजनक नहीं होने के कारण छोटे बच्चों की सुरक्षा एवं सुविधा प्रभावित हो रही है। अतः आंगनबाड़ी केंद्र हेतु नवीन भवन की अत्यंत आवश्यकता है।
इस संबंध में जनपद अध्यक्ष द्वारा कई बार मांग एवं आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बावजूद अभी तक नवीन आंगनबाड़ी भवन की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है। इससे आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है।
अतः उक्त आंगनबाड़ी केंद्र हेतु नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति प्राथमिकता के आधार पर प्रदान किया जाना आवश्यक है।
- ग्राम पंचायत गुड़ी में मुक्तिधाम निर्माण की आवश्यकता :-
ग्राम पंचायत गुड़ी में आबादी अधिक होने के कारण ग्रामीणों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार हेतु मुक्तिधाम की अत्यंत आवश्यकता है। ग्रामवासियों एवं सरपंच द्वारा सुशासन त्यौहार एवं कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत कर कई बार मुक्तिधाम निर्माण की मांग की गई है।
इसके बावजूद मांग, आवश्यकता एवं शासन के निर्देशों के पश्चात भी अभी तक मुक्तिधाम निर्माण कार्य स्वीकृत नहीं किया गया है। इससे यह प्रश्न उत्पन्न होता है कि सुशासन त्यौहार एवं जनदर्शन में प्राप्त प्रकरणों का निराकरण किस प्रकार किया गया तथा प्रकरण के निराकरण के पश्चात भी आज तक आवश्यक कार्य स्वीकृत क्यों नहीं हुआ।
अतः ग्राम पंचायत गुड़ी में मुक्तिधाम निर्माण की वास्तविक आवश्यकता को देखते हुए उक्त कार्य को तत्काल प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाना आवश्यक है।
- जिला पंचायत में कार्यों के प्रभार एवं कार्यप्रणाली की जांच के संबंध में :-
जिला पंचायत में पदस्थ विकास विस्तार अधिकारी श्री अजय तिवारी विगत 1-2 वर्षों से विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनके पास विभिन्न योजनाओं, निर्माण कार्यों एवं पंचायत से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों का प्रभार होने की जानकारी है।
वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत में राज्य कार्यालय से पीएससी के माध्यम से चयनित सहायक परियोजना अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी भी पदस्थ हैं। ऐसी स्थिति में यह जांच का विषय है कि संबंधित अधिकारियों के मूल पद एवं दायित्वों के अनुरूप कार्य आवंटित किए जाने के स्थान पर एक ही अधिकारी को विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों का प्रभार किस आधार पर दिया गया है तथा उन्हें अतिरिक्त दायित्व किस आदेश/नियम के तहत सौंपे गए हैं।
- निर्माण कार्यों की स्वीकृति के संबंध में शिकायत/जांच का विषय :-
मनरेगा/वीबी-जी राम जी अंतर्गत जनपद पंचायतों से निर्माण कार्यों की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव जिला पंचायत को प्रेषित किए जाने के संबंध में यह शिकायत प्राप्त हो रही है कि कुछ प्रस्तावों को वापस किया जा रहा है तथा संबंधित अधिकारी द्वारा अन्य योजना से कार्य स्वीकृत करवाने की बात कही जाती है।
यदि ऐसा किया जा रहा है, तो यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि संबंधित कार्य किस योजना के अंतर्गत, किन नियमों के तहत एवं किस प्रक्रिया से स्वीकृत किया जाएगा। इस संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने से कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न उठता है।
अतः उक्त प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराया जाना आवश्यक है। साथ ही संबंधित शाखाओं में स्वीकृत एवं प्रचलित कार्यों की जांच, प्रस्तावों को वापस किए जाने के कारणों की जांच तथा विभिन्न योजनाओं में कार्यों के स्वीकृति एवं निष्पादन की प्रक्रिया का परीक्षण कराया जाना उचित होगा।
यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, नियमों का उल्लंघन अथवा वित्तीय/प्रशासनिक गड़बड़ी पाई जाती है, तो नियमानुसार संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
उपरोक्त समस्त बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए—
- ग्राम पंचायत हिंदाडीह के आश्रित ग्राम हरदाडीह में मुक्तिधाम निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाए।
- ग्राम पंचायत जोंकी में नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाए।
- ग्राम पंचायत गुड़ी में मुक्तिधाम निर्माण की स्वीकृति प्राथमिकता के आधार पर प्रदान की जाए।
- सुशासन त्यौहार एवं कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त उक्त प्रकरणों के निराकरण की जांच की जाए।
- जिला पंचायत में विभिन्न अधिकारियों को दिए गए प्रभार एवं दायित्वों की समीक्षा की जाए।
- निर्माण कार्यों के प्रस्तावों को वापस किए जाने तथा अन्य योजनाओं से स्वीकृति दिलाने संबंधी प्रक्रिया की जांच की जाए।
- संबंधित शाखाओं में संचालित एवं स्वीकृत कार्यों का आवश्यकतानुसार निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच/भौतिक सत्यापन कराया जाए।
उपरोक्त कार्यवाही से विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित होने के साथ-साथ वास्तविक आवश्यकता वाले ग्रामों को समय पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।


