नक्सल प्रभावित रहें कोयलीबेड़ा के महला में पहली बार पहुंचीं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं, गर्भवती महिलाओं की हुई सोनोग्राफी
सेवा सेतु मेगा स्वास्थ्य शिविर में 1,673 लोगों का ओपीडी पंजीयन, ग्रामीणों को गांव में ही मिली जांच, उपचार एवं दवा वितरण की सुविधा
सांसद श्री भोजराज नाग एवं विधायक श्री विक्रम देव उसेंडी ने शिविर का किया अवलोकन, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार की विशेष पहल से सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्र तक पहुंचीं स्वास्थ्य सेवाएं
उत्तर बस्तर कांकेर, 10 अक्टूबर 2026/ कभी नक्सली गतिविधियों के कारण वीरान हो चुके कांकेर जिले के महला क्षेत्र में आज स्वास्थ्य सेवाओं की नई तस्वीर देखने को मिली। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्राम महला में आयोजित सेवा सेतु मेगा स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से पहली बार विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं आधुनिक जांच सुविधाओं की पहुंच ग्रामीणों तक हुई। शिविर में सोनोग्राफी और एक्स-रे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीणों को इन जांचों के लिए दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं ने पहली बार अपने ही गांव में सोनोग्राफी की सुविधा का लाभ लिया। यह पहल सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सांसद श्री भोजराज नाग एवं विधायक श्री विक्रम देव उसेंडी ने शिविर का अवलोकन कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार की विशेष पहल एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को जांच, परामर्श, उपचार एवं दवा वितरण की सेवाएं प्रदान कीं।

1,673 लोगों का ओपीडी पंजीयन, 60 सोनोग्राफी
शिविर में कुल 1,673 लोगों का ओपीडी पंजीयन किया गया। इस दौरान 1,073 लोगों को दवाइयां वितरित की गईं तथा 315 लोगों की गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की जांच की गई। आयुष्मान कार्ड के 10 पंजीयन एवं 317 कार्ड वितरण दर्ज किए गए। इसके अलावा 52 दिव्यांगता प्रमाण-पत्र वितरित किए गए और रक्तदाताओं द्वारा 14 यूनिट रक्तदान किया गया। बालिकाओं को 6 एचपीवी टीके लगाए गए।
शिविर में 185 लोगों की लैब एवं डायग्नोस्टिक जांच, 35 लोगों का टीबी पंजीयन, जांच एवं एक्स-रे, स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा 57, मेडिसिन विशेषज्ञ द्वारा 102, हड्डी रोग विशेषज्ञ द्वारा 241, शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा 30 तथा नाक-कान-गला विशेषज्ञ द्वारा 87 लोगों का परीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त 25 लोगों की मुख जांच, 287 लोगों की नेत्र जांच तथा 209 लोगों को चश्मा वितरण, 6 लोगों का मनोचिकित्सकीय परीक्षण, आयुष विभाग द्वारा 177 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 30 बच्चों की जांच तथा 7 कुष्ठ रोग परीक्षण किए गए। शिविर में 60 महिलाओं की जिसमे गर्भवती महिलाएं भी शामिल थी उन्हें सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की पहल
महला जैसे संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्र में मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन इस बात का उदाहरण है कि शासन की स्वास्थ्य सेवाएं अब दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही हैं। पहले जहां विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और सोनोग्राफी जैसी जांचों के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब ऐसी सुविधाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हुई है, क्योंकि समय पर जांच से गर्भावस्था के दौरान आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं देखभाल सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा सेतु मेगा स्वास्थ्य शिविरों की यह श्रृंखला ग्रामीणों को उनके निकट ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने और प्रशासन तथा आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। महला में आयोजित यह शिविर इस श्रृंखला का अंतिम शिविर रहा।


