नवरात्रि, दशहरा एवं दीपावली पर्व पर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपीलदुर्गा प्रतिमा विसर्जन में डीजे के स्थान पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों के उपयोग का सामूहिक निर्णय!
उत्तर बस्तर कांकेर, 13 अक्टूबर 2026। नवरात्रि, दशहरा एवं दीपावली पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से आज जिला पंचायत कांकेर के सभाकक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक कांकेर श्री आशाराम नेताम, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा एवं नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष श्री अरूण कौशिक सहित विभिन्न नगरीय निकायों के अध्यक्ष, पार्षद, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी तथा जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे साउंड सिस्टम का उपयोग नहीं करने तथा भारतीय परंपरा एवं संस्कृति के अनुरूप तबला, ढोलक, मंजीरा एवं अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों के उपयोग का सामूहिक निर्णय लिया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों ने इस पहल को सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और शांतिपूर्ण आयोजन की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
ध्वनि नियंत्रण संबंधी न्यायालयीन निर्देशों का पालन करने की अपील
बैठक में सर्वाेच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में जारी निर्देशों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर लागू प्रतिबंध सहित निर्धारित ध्वनि सीमा, अनुमत शोर स्तर एवं संवेदनशील क्षेत्रों से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी आयोजकों से ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित रखते हुए पर्व मनाने की अपील की गई।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों के उपयोग से समाज में जाएगा सकारात्मक संदेश-विधायक श्री नेताम’
बैठक को संबोधित करते हुए विधायक श्री आशाराम नेताम ने कहा कि शांति समिति की बैठक में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के अनुरूप प्राचीन और स्थानीय वाद्य यंत्रों का उपयोग करते हुए दुर्गा प्रतिमा विसर्जन करने का निर्णय सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि ढोल, मंजीरा एवं तबला जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाए। सभी समाज प्रमुख अपने-अपने समाज एवं दुर्गा समितियों की बैठक लेकर इस निर्णय को अपनाने के लिए प्रेरित करें, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
सभी विकासखंडों में भी आयोजित होंगी शांति समिति की बैठकें – कलेक्टर
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि बैठक में पर्वों के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर सार्थक चर्चा हुई है। इसी क्रम में जिले के सभी विकासखंडों में भी शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें दुर्गा समितियों के सदस्यों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों को डीजे के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों तथा सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने दुर्गा समितियों से भारतीय परंपरा के अनुरूप पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ प्रतिमा विसर्जन करने की अपील की। साथ ही सभी दुर्गा आयोजन समितियों को अपने सदस्यों की जानकारी संबंधित थाना में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


विसर्जन के लिए समय एवं मार्ग निर्धारित करने तथा स्वयंसेवक तैनात करने पर जोर
पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा ने सामूहिक निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि कांकेर जिले में हमेशा से शांति एवं सौहार्द्र की परंपरा रही है। इसे बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में डीजे के उपयोग को हतोत्साहित करने और सामाजिक कार्यक्रमों में भी इसके उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए समय एवं मार्ग निर्धारित किया जाए। विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लेकर नहीं चलें तथा प्रत्येक दुर्गा समिति अपने स्वयंसेवक नियुक्त करे, जिनमें युवाओं की भी भागीदारी हो। स्वयंसेवकों के सहयोग से विसर्जन जुलूस को व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में मदद मिलेगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारीगण और मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


