पुनर्नियुक्ति पर साहित्यिक एवं शैक्षणिक जगत में हर्ष, छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा
बिलासपुर/हरिद्वार। छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, साहित्यकार, भाषाविद् एवं समीक्षक डॉ. विनय कुमार पाठक को बिहार के गोपालगंज स्थित थावे विद्यापीठ के कुलपति पद पर द्वितीय कार्यकाल के लिए पुनः नियुक्त किए जाने पर साहित्यिक, शैक्षणिक एवं बौद्धिक जगत में हर्ष की लहर है। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को उनकी शैक्षणिक दक्षता, साहित्यिक योगदान और कुशल नेतृत्व क्षमता के प्रति विश्वास के रूप में देखा जा रहा है। इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ का गौरव भी बढ़ा है।
डॉ. पाठक की पुनर्नियुक्ति पर पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी एवं ओंकारेश्वर सेवा समिति, बिलासपुर के अध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव, लोक संचेतना फाउंडेशन ट्रस्ट, भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शिव शरण, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं उद्योगपति शैलेन्द्र सिंह कछवाहा, प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी, बिलासपुर के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र दूबे तथा नवनीत मानस प्रचार समिति, मुंगेली के प्रमुख एवं मानस मर्मज्ञ विष्णु कुमार तिवारी सहित अनेक साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
डॉ. विनय कुमार पाठक का शैक्षणिक अनुभव, अकादमिक दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय महत्व रखते हैं। उनके पुनः कुलपति नियुक्त होने से विद्यापीठ में शैक्षणिक विकास, अनुसंधान, नवाचार तथा अकादमिक उत्कृष्टता को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस अवसर पर डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी से जुड़े डॉ. विनय कुमार पाठक ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और शैक्षणिक एवं साहित्यिक योगदान से राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उनकी पुनर्नियुक्ति उनकी कार्यक्षमता और नेतृत्व के प्रति विश्वास का परिचायक है। उन्हें विश्वास है कि डॉ. पाठक के कुशल मार्गदर्शन में थावे विद्यापीठ शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई उपलब्धियाँ हासिल करेगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
डॉ. विनय कुमार पाठक को कुलपति पद पर द्वितीय कार्यकाल के लिए पुनः दायित्व मिलने पर ओंकारेश्वर सेवा समिति, बिलासपुर के शंकर गेंदले, राज कछवाहा, दीपक दुबे सागर, भूपेंद्र श्रीवास्तव, अशोक शर्मा, डॉ. विवेक तिवारी, डॉ. राघवेन्द्र दूबे, शीतल प्रसाद पाटनवार, बालगोविंद अग्रवाल, मनोहर दास मानिकपुरी, रामनिहोरा सिंह राजपूत, डॉ. अंकुर शुक्ला, डॉ. आशीष श्रीवास, श्रीमती ऊषा श्रीवास्तव, सोनिया गेंदले, करिश्मा एवं निर्लिप्ता श्रीवास्तव सहित समिति के समस्त सदस्यों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
समिति के सदस्यों ने आशा व्यक्त की कि डॉ. पाठक का आगामी कार्यकाल शैक्षणिक उपलब्धियों, गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार और संस्थागत प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगा। उनकी यह उपलब्धि न केवल थावे विद्यापीठ के लिए गौरव का विषय है, बल्कि छत्तीसगढ़ की शैक्षणिक एवं साहित्यिक प्रतिभा की राष्ट्रीय पहचान को भी नई ऊँचाई प्रदान करती है।
डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव
सेवानिवृत्त आई.ए.एस. अधिकारी
अध्यक्ष, ओंकारेश्वर सेवा समिति
सागा लेआउट, शुभम विहार, बिलासपुर, छत्तीसगढ़



