श्रीकृष्ण को टेढ़ा बताने वाले धीरेंद्र शास्त्री के बयान की अश्वनी यादव ने की निंदा राम और कृष्ण दोनों आराध्य, एक की महिमा बताने दूसरे को छोटा दिखाना अनुचित

बिलासपुर/तखतपुर । भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की त्रिभंगी मुद्रा, बांसुरी वादन और वृंदावन को लेकर टिप्पणी करने वाले बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर यादव महासभा तखतपुर के संयोजक अश्वनी यादव ने कड़ी आपत्ति जताते हुए घोर निंदा की है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को टेढ़ा-मेढ़ा बताना और उनकी बांसुरी बजाने की कला को खेल कहना करोड़ों कृष्ण भक्तों की भावनाओं को आहत करने वाला है।
अश्वनी यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं तो भगवान श्रीकृष्ण योगेश्वर और जगद्गुरु हैं। दोनों भगवान विष्णु के अवतार और सनातन धर्म के परम आराध्य हैं। श्रीकृष्ण की त्रिभंगी मुद्रा उनकी दिव्यता, सौंदर्य और माधुर्य का प्रतीक है। उनकी बांसुरी प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिकता का संदेश देती है। एक भगवान की महिमा बताने के लिए दूसरे आराध्य की तुलना कर उन्हें छोटा दिखाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि धार्मिक कथावाचकों को अपनी भाषा और शब्दों की मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अश्वनी यादव ने धीरेंद्र शास्त्री से अपनी टिप्पणी पर कृष्ण भक्तों की भावनाओं का सम्मान करने और भविष्य में ऐसी टिप्पणियों से बचने की अपेक्षा जताई।





