रायपुर में अब खूबसूरती सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं, पुरुष भी हर महीने ग्रूमिंग पर खुलकर खर्च कर रहे हैं
रायपुर
रूप चौदस पर खूबसूरत दिखने की तैयारी अब सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रह गई है। रायपुर शहर के ब्यूटी और ग्रूमिंग मार्केट में पुरुष भी बड़े ग्राहक के रूप में उभर रहे हैं। कभी हेयरकट और शेविंग तक सीमित रहने वाला मेंस ग्रूमिंग का दायरा अब काफी बड़ा हो गया है। अब पुरुष हेयर स्पा, फेस क्लीनअप, बॉडी पॉलिशिंग, लेजर ट्रीटमेंट और हेयर ट्रांसप्लांट तक करा रहे हैं।
खास बात यह है कि पुरुष अब सिर्फ त्योहार या शादी से पहले ही तैयार नहीं होते, बल्कि हर महीने नियमित रूप से ग्रूमिंग पर हजारों रुपये खर्च कर रहे हैं। ग्रूमिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक पिछले दो साल में खासकर 18 से 35 साल के युवाओं में स्किन और हेयर केयर को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ी है। रेगुलर ग्रूमिंग पर वे हर महीने 5 से 20 हजार रुपये तक खर्च कर रहे हैं।
बाजार में इस बदलाव को देखकर सैलून और क्लीनिक संचालकों ने भी पुरुषों के लिए अलग सेक्शन, अलग पैकेज और अलग ट्रीटमेंट शुरू कर दिए हैं। अब मेंस ग्रूमिंग को एक अलग बड़ी कैटेगरी के रूप में देखा जा रहा है। पहले जहां सैलून में महिलाओं की भीड़ ज्यादा रहती थी, वहीं अब पुरुषों की संख्या भी लगभग बराबर होती जा रही है।
अब शेविंग तक सीमित नहीं है पुरुषों की ग्रूमिंग
पहले पुरुषों की ग्रूमिंग का मतलब सिर्फ हेयरकट और शेविंग समझा जाता था। अब यह सोच पूरी तरह बदल गई है। पुरुष अब अपने चेहरे, बालों, त्वचा और पूरे शरीर की देखभाल पर ध्यान दे रहे हैं। हेयर स्पा, हेड मसाज, फेस क्लीनअप, फेशियल, बॉडी पॉलिशिंग, मैनीक्योर, पेडीक्योर जैसी सेवाएं आम हो गई हैं।
सैलून संचालकों का कहना है कि पुरुष अब अपने लिए समय निकाल रहे हैं। वे महीने में दो से तीन बार सैलून जा रहे हैं। कामकाजी युवा, कॉलेज के छात्र, बिजनेस करने वाले लोग और शादी की तैयारी कर रहे युवक ग्रूमिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानने लगे हैं। सोशल मीडिया पर अच्छी तस्वीरें डालना, ऑफिस में अच्छा दिखना और आत्मविश्वास बनाए रखना भी इसकी बड़ी वजह है।
बोटॉक्स-फिलर्स से लेकर हेयर ट्रांसप्लांट तक बढ़ी मांग
प्लास्टिक सर्जन सुनील कालडा बताते हैं कि पुरुष अब लेजर फेशियल, हाइड्रा और कार्बन फेशियल जैसे स्किन ट्रीटमेंट ले रहे हैं। हेयर फॉल के लिए पीआरपी, जीएफसी और हेयर ट्रांसप्लांट तक करा रहे हैं। विशेष शेविंग और चेहरे-गर्दन के अनचाहे बालों के लिए लेजर हेयर रिमूवल में भी रुचि बढ़ी है। बोटॉक्स, फिलर्स जैसे एस्थेटिक प्रोसीजर भी इस बदलते ट्रेंड का हिस्सा बन गए हैं।
डॉक्टरों के अनुसार पुरुषों में सबसे ज्यादा मांग हेयर से जुड़े ट्रीटमेंट की है। बाल झड़ना, गंजापन, डैंड्रफ और रूखे बालों की समस्या को लेकर युवा काफी चिंतित रहते हैं। इसके बाद स्किन ट्रीटमेंट की मांग है। दाग-धब्बे, टैनिंग, पिंपल्स के निशान और असमान रंगत को लेकर पुरुष क्लीनिक पहुंच रहे हैं।
महीने का बजट भी बढ़ा, 20-30 हजार तक पहुंच रहा खर्च
डर्मेटोलॉजिस्ट भरत सिन्हा के मुताबिक युवा स्किन और हेयर केयर पर हर महीने 5 से 20 हजार रुपये खर्च कर रहे हैं। जरूरत के हिसाब से यह बजट 30 हजार तक पहुंचता है। एडवांस ट्रीटमेंट में खर्च 20-30 हजार से लेकर एक लाख रुपये या इससे ज्यादा भी हो सकता है।
सैलून में सामान्य हेयरकट, शेविंग, क्लीनअप और हेयर स्पा पर महीने में 2 से 5 हजार रुपये खर्च होते हैं। वहीं क्लीनिक में पीआरपी, लेजर और फेशियल जैसे ट्रीटमेंट पर खर्च ज्यादा होता है। शादी से पहले पुरुष एक से दो लाख रुपये तक का पैकेज भी ले रहे हैं, जिसमें स्किन, हेयर, बॉडी और डाइट से जुड़ी पूरी तैयारी शामिल होती है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि पुरुष अब कीमत से ज्यादा रिजल्ट और क्वालिटी को महत्व दे रहे हैं। वे ब्रांडेड प्रोडक्ट, अच्छी मशीन और अनुभवी डॉक्टर को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ग्लोबल ट्रेंड में भी भारत की मौजूदगी बढ़ी
एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी ग्लोबल सर्वे 2023 के मुताबिक भारत में करीब 10.28 लाख एस्थेटिक प्रोसीजर रिपोर्ट हुए हैं, जिनमें लगभग 4.97 लाख नॉन-सर्जिकल थे। स्किन टाइटनिंग, हेयर रिमूवल और नॉन-सर्जिकल फैट रिडक्शन जैसे प्रोसीजर में भी रुचि बढ़ रही है।

इस सर्वे से पता चलता है कि भारत अब दुनिया के बड़े एस्थेटिक मार्केट में शामिल हो गया है। पहले यह माना जाता था कि ऐसे ट्रीटमेंट सिर्फ विदेशों में होते हैं, लेकिन अब छोटे और बड़े शहरों में भी इनकी मांग बढ़ रही है। रायपुर जैसे शहरों में भी अब आधुनिक मशीनें, प्रशिक्षित स्टाफ और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोशल मीडिया, फिल्में, वेब सीरीज और इन्फ्लुएंसर कल्चर ने इस ट्रेंड को और तेज किया है। युवा सेलिब्रिटी जैसा लुक पाना चाहते हैं। इसके लिए वे ग्रूमिंग और एस्थेटिक ट्रीटमेंट का सहारा ले रहे हैं।
एक्सपर्ट्स की सलाह, बिना डॉक्टर की सलाह के ट्रीटमेंट न कराएं
बढ़ते ट्रेंड के बीच एक्सपर्ट्स ने सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। उनका कहना है कि मेडिकल ट्रीटमेंट से पहले क्वालिफाइड डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। हर व्यक्ति की स्किन और बालों की समस्या अलग होती है, इसलिए एक ही ट्रीटमेंट सबके लिए सही नहीं हो सकता।
एक्सपर्ट्स ने कहा है कि सस्ते ऑफर, बिना लाइसेंस वाले सेंटर और नकली प्रोडक्ट से बचना चाहिए। लेजर, बोटॉक्स, फिलर्स और हेयर ट्रांसप्लांट जैसे ट्रीटमेंट हमेशा प्रशिक्षित और अनुभवी डॉक्टर से ही कराने चाहिए। ट्रीटमेंट के बाद डॉक्टर की बताई गई देखभाल और परहेज का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।





