521 दीपों की रोशनी और बिजली से जगमगाया सिद्ध बघर्रा पाठ भगवान नृसिंह नाथ मंदिर
दीपावली के पावन पर्व पर ग्राम के आराध्य व ईष्ट देव सिद्ध बघर्रा पाठ भगवान नृसिंह नाथ मंदिर में भक्ति और आस्था का एक अनूठा नजारा देखने को मिला। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी दिवाली के शुभ अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को 521 दीपों से प्रज्वलित कर महाआरती का आयोजन किया गया दीयों की इस दिव्य रोशनी से पूरा मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण जगमगा उठा।

भक्तों की बड़ी संख्या में ग्रामीण और आस-पास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचे कार्तिक अमावस्या की पावन बेला पर मंदिर के आचार्य और ग्राम वाशि के विशेष सहयोग से दीपदान का यह वृहद कार्यक्रम संपन्न हुआ संध्या काल होते ही एक-एक कर 521 मिट्टी के दीये जलाए गए जैसे ही दीपों की कतारें मंदिर की सीढ़ियों, गर्भगृह और प्रांगण में सजीं, ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात दिवाली की भव्यता सिद्ध बघर्रा पाठ की धरती पर उतर आई हो भगवान नृसिंह नाथ का विशेष श्रृंगार किया गया और क्षेत्र की सुख, समृद्धि तथा खुशहाली के लिए महाआरती की गई और भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया
मंदिर के मुख्य पुजारी अचार्य धनेश उपाध्याय ने बताया कि सिद्ध बघर्रा पाठ भगवान नृसिंह नाथ मंदिर क्षेत्र के लोगों के लिए अटूट श्रद्धा का केंद्र है।

गाँव के ईष्ट देव होने के कारण किसी भी त्योहार या शुभ कार्य की शुरुआत यहीं से होती है दीपावली पर इतने बड़े पैमाने पर दीपदान करने के पीछे का उद्देश्य गाँव में सुख-शांति बनाए रखना और पारंपरिक संस्कृति को सहेजना है देर रात तक मंदिर में दर्शन और दीपोत्सव का आनंद लेने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा दीपों की रोशनी के बीच भक्तों द्वारा लगाए गए जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान रहा।





