तिलक नगर बस्ती में सामाजिक समरसता व सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बना भव्य हिन्दू सम्मेलन,उमड़ा जनसैलाब
बिलासपुर :- तिलक नगर बस्ती के इतिहास में यह दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया,जब हिन्दू सम्मेलन का आयोजन अत्यंत भव्यता,अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में नागरिकों,महिलाओं,युवाओं एवं बच्चों की सहभागिता ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। पूरे कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रभक्ति,सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का भाव स्पष्ट रूप से झलकता रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री राम रूप दास महाराज जी एवं डॉ.श्रीमती सुनीता वर्मा द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात सरस्वती वंदना से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए संयोजक चंद्रशेखर विठ्ठलाकर ने सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला और कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में एकता,संस्कार और सांस्कृतिक चेतना को बल मिलता है।

सम्मेलन में तिलक नगर बस्ती के बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत,समूह नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा। कार्यक्रम का सफल एवं सुसंगठित संचालन उल्हास डबली एवं श्रीमती अनुभूति दिग्रस्कर द्वारा किया गया,जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को रोचक एवं अनुशासित रूप से आगे बढ़ाया।

मुख्य वक्ता श्री राम रूप दास महाराज जी ने अपने उद्बोधन में पारिवारिक मूल्यों को जीवन की आधारशिला बताते हुए कहा कि मजबूत समाज की नींव मजबूत परिवार से ही पड़ती है। उन्होंने कुटुंब को एकजुट रखने हेतु भाषा,भूषा,भजन,भ्रमण एवं भोजन को परिवार के साथ साझा करने पर विशेष जोर दिया। वहीं डॉ.श्रीमती सुनीता वर्मा ने सामाजिक समरसता पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है जब सभी वर्ग बिना ऊँच-नीच के भेदभाव के, एक-दूसरे को अपना भाई-बहन मानकर साथ आगे बढ़ें।
इस सम्मेलन की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि तिलक नगर बस्ती के मंदिरों के सभी पुजारियों एवं वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान मंच से किया गया। इसके साथ ही क्षेत्र में शिक्षा,समाजसेवा,संस्कृति एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाले नागरिकों को भी सम्मानित किया गया,जिससे समाज में सकारात्मक प्रेरणा का संदेश गया कार्यक्रम के अंत में दिनभर आयोजित बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मंचस्थ अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। आभार प्रदर्शन पंकज श्रीवास्तव द्वारा किया गया,जिसमें उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों,कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
समापन अवसर पर पलक कश्यप द्वारा वंदे मातरम् का भावपूर्ण गायन प्रस्तुत किया गया,जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया। इसके पश्चात प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्वास जलताड़े,अखिलेश रजक,जी.अनंत,किरण भुरंगी,शशिकांत गुप्ता,सौरभ वर्तक,निलेश रजक,शशिकांत वर्मा,निखिल,ओमकार,गजानंद,राजेश सिंह सहित श्रीमती भाग्यश्री वर्तक,कल्याणी काले, शिवानी विठ्ठलकर एवं संध्या काले जी सहित अनेक समाजसेवियों एवं कार्यकर्ताओं का उल्लेखनीय योगदान रहा।

