ब्यूरो रिपोट उमाशंकर शुक्ला
लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन 35वें दिन भी अडिग,सर्वदलीय विकास समिति के मंच पर कांग्रेस,CPI,CPM व बसपा किसान मोर्चा की एकजुट हुंकार

बिलासपुर :- लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन लगातार 35वें दिन भी पूरे जोश, जनसमर्थन और सर्वदलीय एकजुटता के साथ जारी रहा। सर्वदलीय विकास समिति के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन ने अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले लिया है। प्रभावित परिवारों,महिलाओं,बुजुर्गों,युवाओं के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से आंदोलन की ताकत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) एवं बहुजन समाज पार्टी किसान मोर्चा ने मंच साझा करते हुए आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि लिंगियाडीह में हो रही तोड़फोड़ और विस्थापन की कार्रवाई न केवल अमानवीय है,बल्कि यह गरीब,मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों के अधिकारों पर सीधा हमला है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लगभग नौ महीने पहले लिंगियाडीह क्षेत्र में लोगों के मकान और दुकानों को तोड़ा गया था। उस समय प्रभावित परिवारों को न तो समुचित पुनर्वास मिला और न ही कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था की गई। अब दोबारा उसी क्षेत्र को तोड़कर वहां कॉम्प्लेक्स और गार्डन बनाने की योजना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर उस व्यक्ति के साथ खड़ी है, जिसके साथ अन्याय हो रहा है। लिंगियाडीह यदि उजड़ता है, तो इसके दुष्परिणाम आसपास के क्षेत्रों पर भी पड़ेंगे। इसलिए इस क्षेत्र को बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता पवन शर्मा ने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबे लोग जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इतिहास गवाह है कि संगठित और जागरूक जनता को कोई भी ताकत लंबे समय तक दबा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि क्रांतिकारी सोच रखने वाले लोग ही हर लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाते हैं। जब तक सत्ता में बैठे लोगों को सच्चाई का आईना नहीं दिखाया जाएगा, तब तक यह संघर्ष अधूरा रहेगा।
सर्वदलीय मंच के नेता एवं बिलासपुर के विभिन्न जनआंदोलनों के संयोजक रवि बनर्जी ने कहा कि लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन को आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक, मजबूत और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन केवल जमीन या मकान बचाने का नहीं है, बल्कि यह गरीबों, मजदूरों और आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सर्वदलीय मंच हर परिस्थिति में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
ललनराम ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज समाज को जागरूक होने की आवश्यकता है। यह किसी एक व्यक्ति, परिवार या समुदाय की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह हर उस गरीब की लड़ाई है जो अपने हक और सम्मान के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि जनता से वोट लेकर बाद में धोखा देना बंद किया जाए। यह आवाज अब थमने वाली नहीं है और न्याय मिलने तक अंतिम लड़ाई लड़ी जाएगी।
बसपा किसान मोर्चा के बेलतरा अध्यक्ष कन्हैया लाल सूर्यवंशी ने आंदोलनकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बसपा किसान मोर्चा पूरी मजबूती के साथ लिंगियाडीह के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और गरीब वर्ग पर हो रहे अन्याय के खिलाफ बसपा सड़क से लेकर हर मंच तक संघर्ष करेगी।
सभा में सीपीएम,सीपीआई,कांग्रेस और बसपा के अनेक कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें नंद कश्यप, गणेश राम निषाद, सुखाउ राम निषाद, उमेश प्रसाद, बसपा जिला प्रभारी डॉ. रघु साहू, गौ सेवक रूपेश साहू, दिनेश घोरे, बाबा शर्मा, कमल घोरे, सोनू गोस्वामी, श्रवण मानिकपुरी, अनिकेत कश्यप सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी शामिल थे।
महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने आंदोलन को नई ऊर्जा दी। यशोदा पाटिल, परमिला वध्रुव, अनिता ध्रुव, नंदनी ध्रुव, आरती श्रीवास, मालती यादव, रामबाई माजिपी, शीला सिंह, सीता साहू, संगीता भादव, जयकंवर अहिरवार, अजनी रजक, कल्याणी यादव, मोगरा यादव, बाई चौहान, पिल्ली बाई, अनुपा श्रीवास, जानकी गोड़, कुमारी मानिकपुरी, संतोषी श्रीवास सहित अनेक महिलाएं पूरे उत्साह के साथ आंदोलन में डटी रहीं।
आंदोलन के अंत में सर्वदलीय विकास समिति ने दोहराया कि जब तक लिंगियाडीह के निवासियों को न्याय,सुरक्षा और सम्मानजनक पुनर्वास नहीं मिलता,तब तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। सर्वदलीय समर्थन और बढ़ते जनसमर्थन से यह स्पष्ट हो गया है कि लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रहा,बल्कि यह जनहित और सामाजिक न्याय की एक मजबूत आवाज बन चुका है।

