बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 57 लाख की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश; एक आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर:
पुलिस महानिरीक्षक (IG) बिलासपुर रेंज, डॉ. संजीव शुक्ला एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर को ऑनलाइन ठगी के एक बड़े गिरोह को पकड़ने में बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
मामला थाना सिविल लाइन बिलासपुर क्षेत्र का है, जहाँ एक प्रार्थी को अज्ञात आरोपियों ने वर्चुअल और फर्जी मोबाइल नंबरों के माध्यम से कॉल किया। आरोपियों ने प्रार्थी को डराया कि वह मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के एक गंभीर मामले में संलिप्त है। खुद को अधिकारी बताते हुए आरोपियों ने प्रार्थी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ (घर पर ही ऑनलाइन निगरानी में कैद) कर लिया और केस से बचने के बदले पैसों की मांग की। प्रार्थी ने डर के कारण अलग-अलग किस्तों में कुल 57,00,000 रुपये (सतावन लाख रुपये) आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

जांच और तकनीकी विश्लेषण
धोखाधड़ी का अहसास होने पर प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई। थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 883/25 धारा 318(4), 309 BNS एवं आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उन बैंक खातों और ट्रांजैक्शन विवरणों का विश्लेषण किया, जिनमें ठगी की राशि भेजी गई थी।
तकनीकी जांच में गिरोह के तार दिल्ली और उत्तर प्रदेश (बुलंदशहर) से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले। इसके पश्चात, उप पुलिस अधीक्षक श्री निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में निरीक्षक गोपाल सतपथी के नेतृत्व में एक विशेष टीम दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए रवाना की गई।
गिरफ्तारी और गिरोह का काम करने का तरीका
पुलिस टीम ने लगातार तीन दिनों तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में घेराबंदी की। स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी मनिंदर सिंह (पिता निरंजन सिंह, उम्र 54 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग और ‘ड्रग्स पार्सल’ जैसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देता था।
ठगी की राशि का ‘लेगेसी लोन’ ऐप से कनेक्शन:
आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वे ठगी की राशि को सीधे निकालने के बजाय ‘लेगेसी लोन’ (Legacy Loan) नामक सोशल मीडिया ऐप का उपयोग करते थे। वे ठगी के पैसे को इस ऐप के माध्यम से आम लोगों को लोन के रूप में बांट देते थे और फिर कानूनी रूप से उस राशि का आहरण (Withdrawal) करते थे। आरोपी मनिंदर सिंह अपनी कंपनी ‘शिकारपुरिहा रियालिटी प्रा.लि.’ के करंट अकाउंट का उपयोग कमीशन के लालच में ठगी की राशि मंगाने के लिए करता था।
आरोपी का विवरण
- आरोपी: मनिंदर सिंह, निवासी: शांतिनगर, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली (स्थानीय निवासी: शिकारपुर, बुलंदशहर, उ.प्र.)।
- फर्जी सिम कार्ड, वर्चुअल नंबर और कई फर्जी बैंक खातों के दस्तावेज।
इस सफल कार्रवाई में रेंज साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी, सहायक उप निरीक्षक अरविंद सिंह, जीवन साहू, प्रधान आरक्षक सैयद साजिद, आरक्षक चिरंजीव कुमार और अन्य स्टाफ का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।
बिलासपुर पुलिस की अपील:
साइबर पुलिस जनता से अपील करती है कि किसी भी अनजान कॉल या ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी धमकियों से न डरें। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर गिरफ्तारी या पैसों की मांग नहीं करती है। सतर्क रहें और साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें।

