संवाददाता उमाशंकर शुक्ला
बिलासपुर: 220 KV सब-स्टेशन में भीषण आग, शहर के बड़े हिस्से की बिजली ठप
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है। शहर के मोपका चौकी क्षेत्र के खुटिपारा स्थित 220 KV विद्युत सब-स्टेशन में मंगलवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। दोपहर करीब 1:30 बजे हुई इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। आसमान में उठते काले धुएं के गुबार को कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था।

घटना का क्रम और तात्कालिक कारण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सब-स्टेशन के भीतर स्थित एक भारी-भरकम ट्रांसफार्मर से अचानक चिंगारियां उठने लगीं, जो देखते ही देखते विकराल लपटों में तब्दील हो गईं। चश्मदीदों का कहना है कि आग लगने के दौरान सब-स्टेशन परिसर के भीतर धमाकों की आवाजें भी सुनाई दीं। प्राथमिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। चूंकि ट्रांसफार्मर में भारी मात्रा में कूलिंग ऑयल होता है, इसलिए आग ने बेहद कम समय में भयावह रूप ले लिया।

प्रशासन और दमकल विभाग की मुस्तैदी
आग की भयावहता को देखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। सूचना मिलते ही 5 से अधिक दमकल वाहनों को मौके पर रवाना किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस बल और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।

आग बुझाने के कार्य में आ रही चुनौतियों को लेकर अधिकारियों ने बताया कि:
- ट्रांसफार्मर में मौजूद तेल के कारण पानी की बौछारें ज्यादा असरदार साबित नहीं हो रही थीं।
- लगातार हो रहे छोटे विस्फोटों की वजह से दमकलकर्मियों को करीब जाने में जोखिम उठाना पड़ा।
- स्पेशल फोम टेंडर का भी उपयोग किया गया ताकि तेल की आग को दबाया जा सके।
सुरक्षा के मद्देनजर बिजली गुल
हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा कारणों से पूरे खुटिपारा, मोपका और उससे जुड़े अन्य फीडरों की बिजली सप्लाई अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। सब-स्टेशन में लगी आग की वजह से बिलासपुर शहर के एक बड़े हिस्से में ब्लैकआउट की स्थिति निर्मित हो गई है। बिजली विभाग के इंजीनियरों का कहना है कि जब तक आग पूरी तरह ठंडी नहीं हो जाती और कूलिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली बहाल करना चुनौतीपूर्ण होगा।
नुकसान का आकलन और वर्तमान स्थिति
राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि या किसी व्यक्ति के झुलसने की खबर नहीं है। हालांकि, करोड़ों रुपये के विद्युत उपकरण और कीमती ट्रांसफार्मर जलकर खाक हो गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने और ‘कूलिंग’ प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आ पाएगा।

