बिलासपुर के प्रमुख चौराहों पर बढ़ती भिक्षावृत्ति और अभद्रता: सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर गहराता संकट
बिलासपुर, न्यायधानी बिलासपुर के विभिन्न ट्रैफिक सिग्नलों और प्रमुख चौराहों पर इन दिनों भिक्षुकों और किन्नरों के बढ़ते जमावड़े ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले रामा मैग्नेटो मॉल चौक, पुराना बस स्टैंड, सत्यम चौक और मंगला चौक नेहरू चौक सीपत चौक चौक जैसे व्यस्त इलाकों में स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है।

आम जनता और वाहन चालकों की बढ़ती मुश्किलें
सिग्नल लाल होते ही भिक्षुकों और किन्नरों की टोलियां वाहनों को घेर लेती हैं। नागरिकों की शिकायत है कि कई बार पैसे न देने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है, वाहन के कांच पीटे जाते हैं और डराया-धमकाया जाता है। विशेषकर परिवार के साथ चल रहे लोगों और महिला चालकों को इस स्थिति में अत्यधिक मानसिक दबाव और असहजता का सामना करना पड़ता है।
जान का जोखिम और यातायात में व्यवधान

यह स्थिति केवल असुविधाजनक ही नहीं, बल्कि जानलेवा भी है। भिक्षुक और छोटे बच्चे चलती गाड़ियों के बीच अचानक आ जाते हैं, जिससे दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। सिग्नल हरा होने के बाद भी कई बार ये लोग सड़क नहीं छोड़ते, जिससे यातायात की गति बाधित होती है और पीछे से आ रहे वाहनों के टकराने का खतरा बढ़ जाता है। व्यस्त समय (पीक आवर्स) में इसके कारण लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित हो रही है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और वाहन चालकों ने जिला प्रशासन एवं बिलासपुर पुलिस से इस दिशा में कठोर कदम उठाने की अपील की है। मांग की गई है कि:

प्रमुख चौराहों पर पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए।
भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के पुनर्वास के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग सक्रिय हो।
जबरन वसूली करने वाले तत्वों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
यातायात पुलिस द्वारा ‘नो भिक्षावृत्ति क्षेत्र’ के बोर्ड लगाए जाएं।
बिलासपुर की छवि को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि समय रहते इन गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाए, ताकि किसी भी बड़ी अप्रिय घटना या सड़क हादसे को टाला जा सके।
प्रमुख चौराहों पर भिक्षावृत्ति और अभद्रता के विरुद्ध पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही अत्यंत सराहनीय है। इस कदम से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। कड़े अनुशासन और सतर्कता के लिए पुलिस प्रशासन का यह प्रयास शहर की व्यवस्था सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा।



