विशेष संवाददाता मोहन मदवानी
बिलासपुर के सर्वांगीण विकास और सामाजिक समरसता के लिए एकजुट हुआ सर्व समाज
आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ‘सामाजिक सद्भाव बैठक’ संपन्न; 300 से अधिक समाज प्रमुखों ने लिया हिस्सा

बिलासपुर, 2 मार्च 2026राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर रविवार, 1 मार्च 2026 को टिकरापारा स्थित श्री गुजराती समाज भवन में एक भव्य ‘सामाजिक सद्भाव बैठक’ का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक बैठक में बिलासपुर के लगभग सभी समाजों के प्रमुखों और पदाधिकारियों ने शिरकत की, जिसमें राष्ट्र निर्माण, आपसी भाईचारा और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया गया।
प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चली इस बैठक में लगभग 300 समाज प्रमुखों की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छत्तीसगढ़ प्रांत सामाजिक सद्भाव प्रमुख श्री कौशलेन्द्र प्रताप सिंह रहे।
सिंधी समाज के सेवा कार्यों की रही धूम
बैठक के प्रथम चरण में पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष श्री विनोद मेघानी ने सिंधी समाज द्वारा संचालित किए जा रहे विविध सेवा प्रकल्पों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि समाज न केवल अपने वर्ग के लिए, बल्कि ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के भाव से संपूर्ण समाज के लिए कार्य कर रहा है।
सिंधी समाज द्वारा प्रस्तुत प्रमुख सेवा कार्य:

स्वास्थ्य सेवाएँ: प्रतिवर्ष निशुल्क मेडिकल और रक्तदान शिविर, आराध्य हॉस्पिटल के सहयोग से किफायती दर पर डायलिसिस सेवा, और दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग जांच शिविर का आयोजन।
आपातकालीन सहायता: कोविड काल से शुरू हुई मुफ्त ऑक्सीजन सिलेंडर और कॉन्सेंट्रेटर की सेवा आज भी भीमनानी सेवा सदन से जारी है। साथ ही, शवों के रख-रखाव हेतु बॉडी फ्रीजर और स्वर्ग रथ की निशुल्क सेवा प्रदान की जा रही है।
शिक्षा एवं प्रोत्साहन: ‘समाधान योजना’ के तहत जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा व स्वास्थ्य हेतु आर्थिक मदद, प्रतिभावान छात्रों का सम्मान और युवाओं के लिए मोटिवेशनल सेमिनार।
पर्यावरण एवं संस्कृति: सघन पौधारोपण अभियान, पक्षियों के लिए कोटना व सकोरा वितरण, और चेट्रीचंड्र पर सिंधी भाषा व साहित्य को बढ़ावा देने हेतु सांस्कृतिक मेलों का आयोजन।
श्री मेघानी ने यह भी बताया कि अपोलो जैसे बड़े अस्पतालों के साथ डिस्काउंट हेतु टाइ-अप किया गया है, जिसका लाभ समाज के सदस्यों को मिल रहा है।
वैचारिक उद्बोधन: राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका
बैठक को संबोधित करते हुए श्री धनराज आहूजा ने प्रभावी ढंग से अपनी बात रखते हुए कहा कि वर्तमान समय की मांग है कि सभी समाज एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनें। उन्होंने आग्रह किया कि हमें एक-दूसरे के सामाजिक कार्यक्रमों में न केवल शामिल होना चाहिए, बल्कि हर परिस्थिति में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहना चाहिए।
मुख्य वक्ता श्री कौशलेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा, “किसी भी सशक्त राष्ट्र के निर्माण में प्रत्येक समाज और धर्म की भूमिका आधारशिला की तरह होती है। सामाजिक सद्भाव का अर्थ केवल साथ बैठना नहीं, बल्कि एक-दूसरे की भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करना है।”
उन्होंने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आह्वान किया कि आज हमारा युवा वर्ग गलत दिशा में जा रहा है। इसे रोकने के लिए किसी एक संस्था या समाज का प्रयास पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे सर्व समाज को सामूहिक रूप से ‘नशामुक्त समाज’ के लिए अभियान छेड़ना होगा।
प्रमुख जनों की उपस्थिति
बैठक में सिंधी समाज से विनोद मेघानी, धनराज आहूजा, हरीश भगवानी, कमल बजाज, नंदलाल पुरी, प्रकाश सिरवानी और सुनील आहूजा सहित शहर के विभिन्न समाजों के अध्यक्ष व सचिव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र प्रेम और सामाजिक समरसता के जयघोष के साथ हुआ।


