अमर शहीद संत कंवर राम साहिब जी की 141वीं जयंती बिलासपुर में श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न
मानवता और सद्भाव के प्रतीक संत कंवर राम जी के बताए मार्ग पर चलने का लिया संकल्प।
सिंधी कॉलोनी स्थित ‘भक्त कंवर रामनगर गेट’ पर आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम।
बिलासपुर (छत्तीसगढ़), 13 अप्रैल 2026: मानवता, प्रेम और सामाजिक समरसता के देदीप्यमान नक्षत्र, शिरोमणि संत कंवर राम साहिब जी की 141वीं जयंती आज बिलासपुर के सिंधी कॉलोनी स्थित ‘भक्त कंवर रामनगर गेट’, स्मार्ट रोड पर अत्यंत गरिमामय और भक्तिमय वातावरण में मनाई गई। प्रातः 9:30 बजे आयोजित इस भव्य जन्मोत्सव में सिंधी समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर संत जी के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा प्रकट की।

भक्तिमय वातावरण और माल्यार्पण
कार्यक्रम का शुभारंभ संत कंवर राम साहिब जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं ज्योति प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान पूरा परिसर “अमर शहीद संत कंवर राम साहिब अमर रहें” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। वक्ताओं ने उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत जी ने अपना संपूर्ण जीवन दीन-दुखियों की सेवा और समाज से ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने के लिए समर्पित कर दिया था।

गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस अवसर पर सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष श्री विनोद मेघानी, व्यपार विहार अध्यक्ष नानक खटवाना श्री राजु धामेजा एवं श्री डी.डी. आहुजा पीएम बजाज किशोर गेमनानी प्रताप अयालानी श्याम हरायानी हरीश भागवानी अमर रुपानी नविन रुपानी मनीष लाहोरानी विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में सिंधी युवक समिति के संरक्षक और वरिष्ठ समाजसेवी श्री कैलाश मलघानी का मार्गदर्शन एवं विशेष योगदान रहा। उनके नेतृत्व में समिति के युवाओं ने सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संभालीं।

श्री हुन्दराज मोटवानी: “संत कंवर राम साहिब पूरी मानवता के पथ-प्रदर्शक थे। उनके भजन और लोली आज भी आत्मा को शांति प्रदान करते हैं।”
श्री कैलाश मलघानी: उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संत जी के त्याग और बलिदान को अपने जीवन में उतारें।

कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में सचिव श्री प्रताप राय आईलानी, श्री हरिश भागवानी, श्री श्रीचंद दयालानी, श्री महेश पमनानी, श्री हुन्दराज केमरानी, श्री खुशाल वाधवानी, श्री बृजलाल भोजवानी और श्री रूपचंद हिरवानी की सक्रिय भूमिका रही। प्रमुख सलाहकार संत कवरराम सेवा समिति के मोहन मदवानी ने मंच का कुशल संचालन अपनी ओजस्वी वाणी से किया।
समापन एवं प्रसादी
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक ‘अरदास’ के माध्यम से विश्व शांति और जन-कल्याण की प्रार्थना की गई। इसके पश्चात उपस्थित जनसमूह के बीच ‘पल्लव’ और ‘प्रसादी’ का वितरण किया गया। समिति ने इस अवसर पर समाज सेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प भी दोहराया।


