पहले परमात्मा का शुकराना करें, फिर सांसारिक कार्यों में लगें: भाई साहब मनोहर सिंह
बिलासपुर में डॉ. हेमंत कलवानी के निवास पर श्री सुखमणि साहिब जी का पाठ एवं सत्संग संपन्न
बिलासपुर: सिंधी कॉलोनी स्थित धन गुरु नानक दरबार, डेरा संत बाबा थहिरिया सिंह साहब जी के सानिध्य में डॉ. सोनम अक्षय को पुत्र रत्न प्राप्ति की खुशी में कलवानी परिवार द्वारा भव्य शुकराना कार्यक्रम आयोजित किया गया। दरबार साहिब के सेवादार डॉ. हेमंत कलवानी एवं परिवार की ओर से श्री सुखमणि साहिब जी का पाठ, कीर्तन एवं सत्संग का आयोजन हुआ।
सत्संग का महत्व: जीते जी समझें लाभ
कल्याण (महाराष्ट्र) से पधारे भाई साहब मनोहर सिंह जी ने अपनी अमृतवाणी से साध-संगत को निहाल किया। उन्होंने एक प्रेरक कथा के माध्यम से सत्संग की महिमा बताते हुए कहा, “सत्संग का लाभ मरने के बाद तो हर किसी को पता चल जाता है, लेकिन जो व्यक्ति जीवित रहते हुए इसके महत्व को समझ ले, वही असल में परमात्मा की कृपा का पात्र है।”

उन्होंने व्यापारी और संतों की कथा सुनाते हुए समझाया कि मात्र आधा घंटा हृदय से किया गया सत्संग व्यक्ति को नर्क की प्रताड़ना से बचाकर संत-लोक में स्थान दिला सकता है। उन्होंने संदेश दिया कि जब भी सत्संग में जाएं, तो दिमाग को घर छोड़कर आएं और दिल को गुरु चरणों में लगाएं। जब हृदय का तार परमात्मा से जुड़ जाता है, तभी सत्संग सफल माना जाता है।
कीर्तन और लंगर का आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु नाम के जाप से हुई। भाई साहब जसविंदर सिंह ने मधुर शब्द कीर्तन कर संगत को भावविभोर कर दिया। रात्रि 8:00 से 9:00 बजे तक श्री सुखमणि साहिब जी का पाठ व भोग हुआ, जिसके पश्चात शब्द कीर्तन, कथा और अरदास की गई। अंत में गुरु का अटूट लंगर और प्रसाद वितरित किया गया।
प्रमुख जनों का सम्मान
इस पावन अवसर पर कलवानी परिवार द्वारा भाई साहब मूलचंद नारवानी, भाई साहब मनोहर सिंह, भाई साहब जसविंदर सिंह और ‘हमर संगवारी’ के संपादक विजय दुसेजा का शाल पहनाकर सम्मान किया गया। वहीं, भाई साहब बबलू जी ने डॉ. हेमंत कलवानी और उनके परिवार को पाखंड (सिरोपा) पहनाकर आशीर्वाद दिया।
साध-संगत की उपस्थिति
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। प्रमुख रूप से राजकुमार कलवानी, गुणवंती देवी, अक्षय सिंह, डॉ. सोनम सिंह, दीपक लालवानी, डॉ. रमेश कलवानी, खीयलदास कलवानी, संजय कृपलानी, दिलीप कलवानी, सुरेश वाधवानी, प्रकाश जज्ञासी, नरेश मेहरचंदानी और गंगाराम सुखीराम सहित धन गुरुनानक दरबार के सेवादार एवं इष्ट मित्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. हेमंत कलवानी ने सभी का आभार व्यक्त किया।


