ब्युरो रिपोट दिनेश आहुजा
बिलासपुर। भूपेश बघेल एक दिवसीय प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे, जहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार, आरएसएस, रामभद्राचार्य और भाजपा की नीतियों पर तीखा हमला बोला। बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों को लेकर कई आक्रामक सवाल खड़े किए और कहा कि देश में जनता महंगाई और अव्यवस्था से त्रस्त है, जबकि सत्ता “मेलोडी” में व्यस्त है।

समर्थन मिल रहा है तो इसका मतलब साफ है कि देश का युवा मौजूदा व्यवस्था से नाराज़ और आक्रोशित है।
उन्होंने कहा कि मोदी भले चुनाव “मैनेज” कर लें, लेकिन युवा अब सवाल पूछ रहा है और जवाब नहीं मिल रहा।
इटली दौरे और मेलोनी से मुलाकात को लेकर भी भूपेश बघेल ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि “मेलोनी का मेल” और “मोदी का डी” मिलकर “मेलोडी” बन गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को कहा जा रहा है कि सोना मत खरीदो, तेल कम इस्तेमाल करो, शादी मत करो, पेट्रोल-डीजल कम खर्च करो, लेकिन दूसरी तरफ प्रधानमंत्री खुद विदेश यात्राएं कर रहे हैं और उनके करीबी उद्योगपति अमेरिका में अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं।
सरगुजा में कांग्रेस नेताओं के आमरण अनशन और धरना प्रदर्शन को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज, टीएस सिंहदेव और कांग्रेस के कई बड़े नेता अन्याय के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन पुलिस दबाव में काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना हथियार चले ही धारा 27 लगा दी जाती है और ऐसा लगता है जैसे पुलिस “सपना देखकर” धाराएं जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि बिश्रामपुर समेत पूरे इलाके में तनाव है और भाजपा शासन में अराजकता चरम पर पहुंच गई है।
भूपेश बघेल ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटनास्थल पर न हाथापाई हुई, न मारपीट, लेकिन पुलिस हथियार चलने और हथियार रखने की कहानी गढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के बजाय पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और इससे जनता का भरोसा टूट रहा है।


