सुरज वाधवानी की खास खबर
चकरभाठा बोदरी में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई पर उठे सवाल: प्रशासन पर भेदभाव और राजनीतिक दबाव के आरोप

चकरभाठा (बोदरी),नगर पंचायत चकरभाठा बोदरी के वार्ड क्रमांक 3 में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पास प्रशासन द्वारा की गई बेजा कब्जा (अतिक्रमण) हटाने की कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। प्रभावित दुकानदारों ने स्थानीय प्रशासन और तहसीलदार पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और चुनिंदा लोगों को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है।
नोटिस 9 लोगों को, गाज गिरी सिर्फ 3 पर
पीड़ित दुकानदार राजेश शर्मा एवं गणेश कौशिक ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उन्होंने परिवार के भरण-पोषण और रोजी-रोटी के लिए बैंक के पास एक छोटी सी चाय और गुटखे की दुकान खोल रखी थी। प्रशासन द्वारा क्षेत्र के कुल 9 दुकानदारों को बेजा कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया गया था। लेकिन, जब कार्रवाई का समय आया, तो प्रशासन ने बाकी लोगों को छोड़ दिया और केवल 2 से 3 छोटे दुकानदारों के खिलाफ ही बुल्डोजर चलाया।

तहसीलदार की ‘मेहरबानी’ और राजनीतिक दबाव की आशंका
पीड़ितों ने तीखे सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर किसके दबाव में आकर प्रशासन ने इस तरह की भेदभावपूर्ण कार्रवाई की? नोटिस मिलने के बावजूद बाकी के 6-7 रसूखदार कब्जाधारियों को छोड़ देना सीधे तौर पर तहसीलदार की ‘विशेष मेहरबानी’ की ओर इशारा करता है। पीड़ितों का कहना है कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए, लेकिन यहाँ गरीबों की आजीविका को उजाड़ दिया गया और रसूखदारों को अभयदान दे दिया गया।
पहले की कार्रवाई भी ठंडे बस्ते में
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चकरभाठा क्षेत्र में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बड़े और रसूखदार बेजा कब्जाधारियों को प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन आज तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रभावितों ने शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने और सभी अतिक्रमणकारियों पर एक समान निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है।


