संवाददाता उमा खरे की रिपोट
बिलासपुर में भव्य रूप से आयोजित हुई 15वीं आदिवासी शोभायात्रा, दिया विश्व मित्रता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में पिछले 15 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए इस वर्ष भी भव्य ‘आदिवासी शोभायात्रा’ का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि अपनी माटी और धरती के प्रति अपार प्रेम का जीवंत प्रतीक है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य विश्व मित्रता की भावना का प्रसार करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना है।

इस अवसर पर इस शोभायात्रा को सजक एवं जागरूक युवा तैयार करने के उद्देश्य से एक ‘संदेश रैली’ के रूप में निकाला गया। रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के लोगों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक संस्कृति और नारों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष (युवा प्रभाग) सुभाष परते एवं आम आदमी पार्टी (बिलासपुर) ST विंग के पूर्व जिला अध्यक्ष द्वारका जगत उपस्थित रहे।

संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि आदिवासी संस्कृति सदैव प्रकृति से जुड़कर रहने और उसके संरक्षण का संदेश देती है। आज के समय में युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए उन्हें सजक और जिम्मेदार नागरिक बनाना बेहद आवश्यक है। शोभायात्रा ने नगरवासियों को प्रकृति-प्रेम, सामाजिक सौहार्द और विश्व बंधुत्व का एक अनूठा संदेश दिया।
छत्तीसगढ़ में समाज द्वारा आयोजित सांस्कृतिक गतिविधियों एवं पारंपरिक पर्वों की झलक के लिए यह आदिवासी समाज शोभायात्रा आयोजन देखा जा सकता है, जो राज्य में आदिवासी संस्कृति और एकजुटता के उत्साह को दर्शाता है।



