सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं: पं. शिवम शुक्ला जी महाराज
बिल्हा: नौबतका निवास में पत्रकारों की उपस्थिति में आयोजित एक साक्षात्कार के दौरान प्रयागराज से पधारे श्रीमद् भागवत कथा वाचक पंडित शिवम शुक्ला जी महाराज ने सनातन धर्म और संस्कारों के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार डॉ. आर.सी. अग्रवाल, कमल गर्ग, सतीश शर्मा और हरीश गुप्ते विशेष रूप से मौजूद रहे।

पंडित शिवम शुक्ला जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण (जो 18 पुराणों में से एक है) की कथा का आयोजन और गया श्राद्ध करवाना धर्मग्रंथों के अनुसार पितरों के मोक्ष के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिकता की अंधी दौड़ में हम अपनी भारतीय संस्कृति और हिंदू राष्ट्र की संकल्पना से दूर होते जा रहे हैं, जिससे समाज में निराशावाद बढ़ रहा है और लोग इसका दोष ईश्वर को देते हैं। उन्होंने संदेश दिया कि “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।” कष्टों और बाधाओं के बावजूद सत्य के मार्ग पर अडिग रहने वाला व्यक्ति हमेशा पुरुषार्थ की प्राप्ति करता है।

महाराज जी ने अपील की कि सत्संग में पूरे परिवार और बच्चों को अवश्य लाएं, ताकि नई पीढ़ी को धर्म, ईश्वर उपासना और कर्तव्यों का ज्ञान हो सके। पूर्ण समर्पण व भक्ति भाव से भागवत कथा का आचरण आत्मसात करने से न केवल पितरों को मोक्ष मिलता है, बल्कि पूरे नगर में सुख, शांति और भाईचारे को बल मिलता है।
भव्य स्वागत एवं उपस्थिति
नौबतका निवास आगमन पर रूपचंद अग्रवाल, श्रीमती रीना अग्रवाल और शिवम अग्रवाल ने पंडित जी का शॉल व श्रीफल से स्वागत किया। हनुमान चालीसा समिति, बागेश्वर धाम और सुंदरकांड मंडल समिति के सदस्यों ने हनुमान जी व बागेश्वर धाम के जयकारों एवं मंत्रोच्चार के बीच महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त कर प्रसाद ग्रहण किया।
इस दौरान राजेश शर्मा, कन्हैया, मोनू, झाबरमल नौबतका, संतोष यादव, दिलीप गुप्ता, पंडित कैलाश शर्मा, महेश मखीजा, कैलाश अग्रवाल, प्रथम गुप्ते और शिवांस वर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



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