विधायक व्यास कश्यप की अशोभनीय टिप्पणी पर उबला छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ; सार्वजनिक माफी की मांग, न मांगने पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज से होगी शिकायत
जांजगीर-चांपा:छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ द्वारा जिला जांजगीर-चांपा में आयोजित ‘पत्रकार सम्मान समारोह’ के दौरान मंच से क्षेत्रीय विधायक व्यास कश्यप द्वारा पत्रकारों पर की गई विवादित और अमर्यादित टिप्पणी को लेकर विवाद गहरा गया है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सार्वजनिक मंच से की गई इस टिप्पणी पर छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और विधायक से तत्काल सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महासंघ द्वारा आयोजित इस गरिमामय सम्मान समारोह में विधायक व्यास कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। कार्यक्रम के दौरान अपने उद्बोधन में उन्होंने पत्रकारों को लेकर कुछ ऐसी अशोभनीय टिप्पणी कर दी, जिससे कार्यक्रम में मौजूद सभी पत्रकार और गणमान्य नागरिक स्तब्ध रह गए। मंच की मर्यादा और पत्रकारों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले इस बयान के बाद पूरे प्रदेश के पत्रकार समाज में भारी आक्रोश और नाराजगी व्याप्त है।
मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय मिश्रा ने कड़े शब्दों में विधायक के बयान की निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट और सख्त लहजे में कहा कि “जनप्रतिनिधि का काम जनता और मीडिया का सम्मान करना होता है, न कि सार्वजनिक मंचों से अशोभनीय टिप्पणियां कर उनका मनोबल गिराना। पत्रकारों ने सदैव निष्पक्षता से जनता की आवाज उठाई है और उनके सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
प्रदेश अध्यक्ष विनय मिश्रा ने कहा कि विधायक व्यास कश्यप या तो अपने इस गैर-जिम्मेदाराना बयान के लिए सार्वजनिक रूप से खुले मंच पर माफी मांगें, अथवा संगठन को लिखित में अपना क्षमा याचना पत्र सौंपें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विधायक समय रहते सार्वजनिक या लिखित माफी नहीं मांगते हैं, तो प्रखर पत्रकार महासंघ इस मामले की लिखित शिकायत प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज से करेगा और जनप्रतिनिधियों द्वारा पत्रकारों के प्रति किए जा रहे इस प्रकार के दुर्व्यवहार पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेगा।
महासंघ के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि विधायक कश्यप का रवैया अड़ियल रहता है और वे अपनी टिप्पणी वापस नहीं लेते हैं, तो महासंघ उग्र आंदोलन करने और विधायक के कार्यक्रमों का पूर्ण बहिष्कार करने के लिए बाध्य होगा।
पत्रकार समाज ने स्पष्ट किया है कि चौथे स्तंभ के मान-सम्मान पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


