बिलासपुर। साहित्य, संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकारों को समर्पित धरा वंदन — छत्तीसगढ़ साहित्य एवं संस्कृति मंच के तत्वावधान में रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, मंगला, बिलासपुर में भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर ‘संत और सिपाही : छत्तीसगढ़ साझा संकलन’ का विमोचन, सम्मान समारोह एवं भव्य कवि सम्मेलन आयोजित होगा। कार्यक्रम का समय प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है।
आयोजन का उद्देश्य साहित्यिक चेतना को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति, गौ संरक्षण, समाज सेवा तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करना है। कार्यक्रम में मेधावी छात्राओं को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही गौ संरक्षण एवं समाज सेवा के क्षेत्र में निष्ठापूर्वक कार्य करने वाले व्यक्तियों को भी सम्मान प्रदान किया जाएगा।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
आमंत्रण पत्र के अनुसार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो. वी.के. सारस्वत, कुलपति, पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय, बिलासपुर होंगे। अतिविशिष्ट अतिथियों में श्रीमती वर्णिका शर्मा, अध्यक्ष, बाल संरक्षण आयोग, छत्तीसगढ़; डॉ. विनय कुमार पाठक, कुलपति, थावे विद्यापीठ विश्वविद्यालय, बिहार एवं पूर्व अध्यक्ष, राजभाषा आयोग, छत्तीसगढ़; तथा श्रीमती शालिनी सिंह राजपूत, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड, रायपुर शामिल हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. नरेश कुमार तिवारी, कुलपति, महर्षि विश्वविद्यालय, मंगला, बिलासपुर करेंगे।
इसके अतिरिक्त संरक्षक डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव, पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी; विशिष्ट अतिथि आ. महेंद्र सिंह राणा, भारतीय थल सेना; डॉ. अनीता सिंह, सुप्रसिद्ध कवयित्री, लेखिका एवं समीक्षक; श्री शैलेन्द्र सिंह कछवाहा, समाजसेवी एवं उद्योगपति; तथा मार्गदर्शक-सलाहकार श्री अशोक शर्मा, सेवानिवृत्त अभियंता, एसईसीएल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
संरक्षक, मार्गदर्शक एवं आयोजकों का ऊर्जापूर्ण संदेश
संरक्षक डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने आयोजन के उद्देश्य पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “साहित्य समाज की आत्मा है और संस्कृति उसकी पहचान। जब साहित्यिक आयोजन सामाजिक दायित्वों, राष्ट्रभक्ति और सेवा के संकल्प से जुड़ते हैं, तब वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला रखते हैं। धरा वंदन का यह आयोजन साहित्यकारों, युवाओं और समाजसेवियों को एक साझा मंच प्रदान करने की दिशा में सराहनीय पहल है।”

मार्गदर्शक एवं सलाहकार श्री अशोक शर्मा ने कहा, “समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब ज्ञान, संस्कार और सेवा एक साथ आगे बढ़ें। मेधावी छात्राओं का सम्मान नई पीढ़ी में आत्मविश्वास और उत्कृष्टता की भावना जागृत करेगा, वहीं गौ संरक्षण एवं समाज सेवा से जुड़े लोगों का सम्मान दूसरों को भी जनकल्याण के कार्यों के लिए प्रेरित करेगा। यह आयोजन सामाजिक उत्तरदायित्व को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।”
कार्यक्रम संयोजक ओजस्वी कवि दीपक दुबे ‘सागर’ ने ऊर्जापूर्ण संदेश देते हुए कहा, “धरा वंदन केवल एक साहित्यिक मंच नहीं, बल्कि राष्ट्र, संस्कृति, साहित्य और समाज सेवा के प्रति समर्पित विचारों का सशक्त अभियान है। हमारा संकल्प है कि साहित्य की शक्ति को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाए, नवोदित प्रतिभाओं को वरिष्ठ साहित्यकारों का मार्गदर्शन मिले तथा देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना जन-जन के हृदय में जागृत हो। मेधावी छात्राओं, गौ संरक्षण में जुटे कर्मयोगियों और समाजसेवियों का सम्मान इसी संकल्प का सजीव स्वरूप है। आइए, हम सब मिलकर साहित्य और सेवा की इस मशाल को और अधिक प्रखर बनाएं।”
सह-संयोजक विक्रम सिंह सेंगर ने कहा, “यह आयोजन साहित्यिक अभिव्यक्ति के साथ सामाजिक संवेदना का भी उत्सव है। हमारा प्रयास है कि कविता और विचारों के माध्यम से युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, मानवीय संवेदना, भारतीय संस्कृति तथा समाज के प्रति कर्तव्यबोध को सुदृढ़ किया जाए। प्रतिभाओं का सम्मान और सेवा के साधकों का अभिनंदन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा। हम सभी साहित्यप्रेमियों, कवियों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों और समाजसेवियों से इस आयोजन में सहभागी बनने का आह्वान करते हैं।”
साहित्य, सम्मान और सामाजिक चेतना का संगम
आयोजन में ‘संत और सिपाही : छत्तीसगढ़ साझा संकलन’ का विमोचन साहित्यिक अभिव्यक्ति और राष्ट्रभावना को समर्पित एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। भव्य कवि सम्मेलन में साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक चेतना, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और मानवीय मूल्यों के विविध आयाम प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम में मेधावी छात्राओं का सम्मान कर शिक्षा और उत्कृष्ट उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। गौ संरक्षण के लिए समर्पित व्यक्तियों तथा समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कर्मयोगियों का अभिनंदन भी किया जाएगा, ताकि सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति व्यापक जागरूकता विकसित हो।
धरा वंदन छत्तीसगढ़ साहित्य एवं संस्कृति मंच की ओर से सभी साहित्यकारों, कवियों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, समाजसेवियों एवं संस्कृति प्रेमियों से कार्यक्रम में सहभागिता की अपील की गई है। आयोजकों को विश्वास है कि यह आयोजन साहित्यिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक सेवा के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
कार्यक्रम विवरण
- दिनांक: रविवार, 25 अक्टूबर 2026
- समय: प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक
- स्थान: महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, मंगला, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
- कार्यक्रम संयोजक: ओजस्वी कवि दीपक दुबे ‘सागर’
- सह-संयोजक: विक्रम सिंह सेंगर


