ट्रेनों की लेटलतीफी से श्रमिकों का वेतन कटने और दूध खराब होने का संकट, यादव समाज ने DRM को सौंपा ज्ञापन
सुबह-शाम ट्रेनों का समयबद्ध संचालन करने की मांग, आउटर पर अनावश्यक ठहराव रोकने और रात में मेंटेनेंस कराने का सुझाव
बिलासपुर। संवाददाता : अश्वनी यादव। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर-भाटापारा-तिल्दा-रायपुर रेलखंड पर यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी से औद्योगिक श्रमिकों, दूध विक्रेताओं, छोटे व्यापारियों और आम यात्रियों को हो रही परेशानियों को लेकर छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज, रायपुर ने रेलवे प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। समाज के प्रदेश महामंत्री शिवकुमार यादव ने 26 अक्टूबर को मंडल रेल प्रबंधक (DRM), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर को जनहित ज्ञापन सौंपकर ट्रेनों का समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान प्रदेश संयुक्त सचिव मनोज यादव, ओमकार यादव और तखतपुर से अश्वनी यादव उपस्थित रहे।

ज्ञापन में बताया गया कि इस रेलखंड पर मेमू, पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों के दो से तीन घंटे तक विलंब से चलने के कारण प्रतिदिन यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक समय पर ड्यूटी नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी उपस्थिति प्रभावित होने और वेतन कटने की आशंका रहती है। वहीं, दूध विक्रेताओं को समय पर बाजार नहीं पहुंच पाने के कारण आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। समाज ने सुबह 6 से 11 बजे और शाम 4 से 9 बजे के बीच ट्रेनों का निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालन करने, आउटर पर अनावश्यक ठहराव रोकने तथा रखरखाव कार्य यथासंभव रात में कराने की मांग की है। ज्ञापन में गंभीर मरीजों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए रेलवे प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है।



