पांच दिन तक अटका आय-निवास प्रमाण पत्र, छात्रवृत्ति से चूके बच्चे
27 अक्टूबर को किया था ऑनलाइन आवेदन, 2 नवंबर तक नहीं हुआ अनुमोदन; 24 घंटे में सेवा के दावों और जमीनी हकीकत पर उठे सवाल
बिलासपुर/सकरी। उप तहसील सकर्रा के सेवा सेतु केंद्र में आय एवं निवास प्रमाण पत्र के अनुमोदन में देरी का मामला सामने आया है। आवेदक अश्वनी यादव ने 27 अक्टूबर को पोर्टल के माध्यम से प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन 2 नवंबर तक आवेदन का अनुमोदन नहीं हो सका। इसके चलते उनके बच्चे राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति योजना के लिए निर्धारित समय-सीमा में आवेदन करने से वंचित हो गए। प्रमाण पत्र के लिए लगातार सेवा सेतु केंद्र और उप तहसील के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हुआ।
24 घंटे में सेवा के दावे, पांच दिन बाद भी नहीं मिला प्रमाण पत्र: अश्वनी यादव ने सेवा सेतु केंद्र की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शासन की मंशा नागरिकों को ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित समय में आय, निवास सहित अन्य प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की है। कई सेवाओं के लिए 24 घंटे में निराकरण के दावे किए जाते हैं, लेकिन सकर्रा में पांच दिन बाद भी आवेदन लंबित रहना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने बताया कि अन्य सेवा केंद्रों की तुलना में यहां की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और वे स्वयं इस परेशानी का सामना कर चुके हैं।
प्रशासनिक देरी का खामियाजा विद्यार्थियों को: आवेदक का कहना है कि प्रमाण पत्र समय पर नहीं मिलने के कारण उनके बच्चों का छात्रवृत्ति आवेदन प्रभावित हुआ है। ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल सेवाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर से राहत देना है, लेकिन समय पर अनुमोदन नहीं होने से विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण अवसर गंवाना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर लंबित आवेदनों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने तथा सेवा सेतु केंद्र की कार्यप्रणाली में सुधार लाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य विद्यार्थी को प्रशासनिक देरी के कारण छात्रवृत्ति के अवसर से वंचित न होना पड़े।





