लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन 30वें दिन भी अडिग,जनसमर्थन का सैलाब,महिलाओं के आक्रोश ने आंदोलन को दी नई धार
अरपांचल से लेकर बेलतरा तक एकजुट हुआ समाज,गरीबों के हक की लड़ाई को बताया निर्णायक संघर्ष

बिलासपुर :- लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन लगातार 30वें दिन भी पूरे जोश, दृढ़ संकल्प और व्यापक जनसमर्थन के साथ जारी रहा। सांकेतिक आंदोलन अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। अरपांचल के युवा, ब्राह्मण समाज, छात्र संघ, बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश स्तर के पूर्व पदाधिकारी, किसान संघ, कुर्मी समाज, सूर्यवंशी समाज सहित विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनसंगठनों ने एक स्वर में आंदोलन को समर्थन देकर प्रशासन और सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि गरीबों के आशियाने उजाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आंदोलन स्थल पर दिनभर जनसैलाब उमड़ा रहा विभिन्न समाजों के प्रबुद्ध जनों,युवाओं,महिलाओं और बुजुर्गों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह लड़ाई अब केवल लिंगियाडीह की नहीं,बल्कि पूरे बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की अस्मिता,सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बन चुकी है। नेताओं ने एकजुटता का दिया संदेश
अरपांचल के कांग्रेस नेता विनय पिंकू पांडे,सूर्यमणि तिवारी,वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरेंद्र गौरहा,युवा ब्राह्मण नेता दिशु दुबे,छात्र संघ नेता विकास सिंह ठाकुर प्रमुख रूप से आंदोलन में शामिल हुए। वहीं बहुजन समाज पार्टी के पूर्व प्रत्याशी व पूर्व राष्ट्रीय महासचिव अधिवक्ता देव कुमार कनेरी,हिमांशु राय,शुभम सोनी,राम यादव,डॉ.रघु साहू,किसान नेता श्याममूरत कौशिक,परसराम कश्यप सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को समर्थन देकर मंच साझा किया। कांग्रेस नेता विनय पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि अरपांचल के लोग पूरी मजबूती से लिंगियाडीह के निवासियों के साथ खड़े हैं। यह केवल मकान बचाने की लड़ाई नहीं, बल्कि न्याय और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि बेलतरा क्षेत्र में गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को जिस तरह परेशान किया जा रहा है, वह पहले कभी नहीं देखा गया जनता से वोट लेकर सत्ता में आने वाले अब उन्हीं लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं,लेकिन अब जनता जाग चुकी है।

सत्ता पर तीखा हमला
वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरेंद्र गौरहा ने कहा कि सत्ता में आने के बाद कुछ जनप्रतिनिधि यह भूल गए हैं कि उन्हें जीत दिलाने वाले गरीब और आम नागरिक ही हैं। आज उन्हीं के साथ अन्याय हो रहा है। बेलतरा की जनता अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रही है और यही भावना इस आंदोलन को और मजबूत बना रही है
संविधान और अधिकारों की दुहाई
बसपा नेता देव कुमार कनेरी ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन और रहने का अधिकार देता है। गार्डन और कॉम्प्लेक्स के नाम पर गरीबों की बस्तियां उजाड़ना पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेलतरा क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से गरीबों को हटाकर मुनाफा कमाने की कोशिश की जा रही है,जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।

छात्र संघ और युवा वर्ग भी मैदान में
छात्र संघ नेता विकास सिंह ठाकुर ने कहा कि लिंगियाडीह के संघर्ष में छात्र संघ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। यह आर-पार की लड़ाई है और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। युवा वर्ग पूरी ताकत के साथ आंदोलन में शामिल रहेगा। युवा ब्राह्मण नेता प्रतीक तिवारी ने कहा कि क्षेत्र का हर युवा इस अन्याय के खिलाफ खड़ा है। मकानों को तोड़ने और गार्डन-कॉम्प्लेक्स बनाने की किसी भी योजना को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
सूर्यवंशी समाज का खुला समर्थन
सूर्यवंशी समाज के अध्यक्ष मनीष सेंगर ने कहा कि लिंगियाडीह के बाद खमतराई को भी तोड़ने की कोशिश की जा रही है। सूर्यवंशी समाज इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करता है। उन्होंने कहा कि पूरा समाज लिंगियाडीह के लोगों के साथ है और अंतिम सांस तक साथ रहेगा।

महिलाओं में जबरदस्त आक्रोश
आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी सबसे प्रभावशाली रही। महिलाओं ने साफ कहा कि जब तक सांस है, तब तक यह अनिश्चितकालीन महाधरना जारी रहेगा। सड़क निर्माण और विकास के नाम पर लिंगियाडीह को तोड़ने की कोशिश का लगातार विरोध किया जाएगा। महिलाओं का आरोप है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से चिंगराजपारा, चांटीडीह,बहतराई,खमतराई, मोपका सहित अन्य क्षेत्रों को भी निशाना बनाने की साजिश रच रही है। सवाल यह है कि आखिर केवल लिंगियाडीह को ही क्यों टारगेट किया जा रहा है। गरीबों पर अत्याचार का आरोप
बसपा जिला प्रभारी डॉ.रघु साहू ने कहा कि नौ माह पहले भी मकान और दुकानों को तोड़कर गरीबों पर अत्याचार किया गया था। इसके बावजूद आज तक कोई ठोस पुनर्वास योजना सामने नहीं आई। केवल लिंगियाडीह को निशाना बनाना प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
गौ सेवकों और सामाजिक संगठनों की चेतावनी
गौ सेवा से जुड़े बाबा शर्मा, दिनेश घोरे, रूपेश साहू, सिद्धार्थ भारती और आदर्श सेवते ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि समस्त गौ सेवक, सामाजिक संगठन और प्रबुद्ध नागरिक इस लड़ाई में साथ हैं। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते आवाज नहीं उठाई गई,तो आने वाले समय में मोपका,चिंगराजपारा,बहतराई,खमतराई, डबरीपारा और चांटीडीह जैसे क्षेत्रों को भी निशाना बनाया जाएगा। इसलिए यह संघर्ष पूरे समाज का संघर्ष है।
दुर्गा नगर की महिलाओं का महाधरना जारी
पिछले कई दिनों से दुर्गा नगर की महिलाएं लगातार महाधरने पर बैठी हुई हैं। इसमें कांग्रेस नेता संजय यादव, साहू समाज के नेता भोलाराम साहू, प्रशांत मिश्रा, दिनेश घोरे, श्रवण दास मानिकपुरी, चतुर सिंह यादव, पिंकी देवांगन, यशोदा पाटिल, कुंती तिवारी, उमा मिश्रा, सबिता डे, वंदना डे, हेमलता देवांगन, लता देवांगन, पुष्पा देवांगन, राजकुमारी देवांगन, साधना यादव, कल्पना यादव, नंदकुमारी, जमुना शर्मा, संगीता यादव, रूपा सरकार, सीता साहू, ललिता मानिकपुरी, अर्पणा पटेल, शीला सिंह, लीला, उर्मिला, अनीता पाटिल, कुंती प्रजापति, सोनिया निषाद, कुमारी निषाद, रेशमी अहिरवार, उमा अहिरवार सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर है। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा,जब तक गरीबों को न्याय, सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल जाता।

