ब्युरो रिपोट उमाशंकर शुक्ला
यातायात व्यवस्था भगवान भरोसे, बसंत विहार चौराहे पर घंटों लगा रहा जाम केवल एक ट्रैफिक कांस्टेबल के भरोसे तीन चौराहा

बिलासपुर (छत्तीसगढ़): शहर का व्यस्ततम इलाका बसंत विहार रविवार को एक बार फिर भारी जाम की चपेट में रहा। बढ़ते ट्रैफिक के बीच करीब एक घंटे तक वाहन चालक रेंगते नजर आए। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था का जिम्मा महज एक ट्रैफिक आरक्षक के कंधों पर है, जो एक साथ तीन महत्वपूर्ण मोड़ संभालने को मजबूर है।

एक सिपाही, तीन प्रमुख चौराहे
बसंत विहार चौक की भौगोलिक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है। यहां मुख्य बसंत विहार चौराहा, लोयला स्कूल मोड और राजकिशोर नगर मोड अपोलो मोड एक-दूसरे से सटे हुए हैं। इन तीनों पॉइंट पर ट्रैफिक का दबाव इतना अधिक है कि एक व्यक्ति के लिए इसे नियंत्रित करना लगभग असंभव है। जब सिपाही एक मोड़ को क्लियर कराने पहुंचता है, तो दूसरे छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
आम जनता की बढ़ती मुसीबतें
आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि:
बसंत विहार मुख्य चौक पर ट्रैफिक सिग्नल के अभाव और कम पुलिस बल के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है।
राजकिशोर नगर और लोयला स्कूल की ओर से आने वाले वाहनों के अनियंत्रित दबाव से चौराहे पर ‘जाम’ की स्थिति निर्मित हो जाती है।
(सुबह और शाम) में स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
प्रशासन से मांग
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग से मांग की है कि बसंत विहार क्षेत्र में अतिरिक्त बल की तैनाती की जाए। केवल एक आरक्षक के भरोसे इतनी बड़ी आबादी और व्यस्त मार्ग को छोड़ना न केवल पुलिसकर्मी के साथ नाइंसाफी है, बल्कि जनता की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है।


