बिलासपुर पुलिस की नई पहल अब परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा, जिले में ‘बीट प्रणाली’ लागू, 24 घंटे होगी निगरानी
बिलासपुर। जिले में अपराधों पर लगाम कसने और आम जनता के बीच पुलिस का खौफ नहीं बल्कि विश्वास पैदा करने के लिए बिलासपुर पुलिस ने कमर कस ली है। जिले के शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में ‘बीट प्रणाली’ (Beat System) को मानक कार्यप्रणाली (SOP) के तहत प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। अब हर गली-मोहल्ले और खेत-खलिहान तक पुलिस की सीधी पैनी नजर होगी।

तीन शिफ्टों में 24×7 पहरा
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब पुलिस की गश्त केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखेगी। प्रत्येक बीट क्षेत्र में 06 आरक्षकों की तैनाती की गई है, जो सुबह, शाम और रात की तीन अलग-अलग शिफ्टों में ड्यूटी करेंगे। यानी अब जिले में 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। विशेष रूप से रात 12:00 बजे से सुबह 04:00 बजे के बीच सघन गश्त की जाएगी ताकि चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं को शून्य किया जा सके।

GPS वाली बाइक और QR कोड से होगी निगरानी
पुलिसिंग को आधुनिक बनाते हुए बीट में आवंटित मोटरसाइकिलों में जीपीएस (GPS) लगाया गया है। इससे वरिष्ठ अधिकारी सीधे मॉनिटरिंग कर सकेंगे कि जवान अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं या नहीं। साथ ही, प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड (QR Code) और सीसीटीवी के जरिए पुलिस की उपस्थिति दर्ज की जाएगी। बीट अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे अपने क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों, संदिग्धों और बाहरी व्यक्तियों का पूरा रिकॉर्ड अपनी बीट डायरी में संधारित करें।

नशे और अवैध कारोबार पर सर्जिकल स्ट्राइक
पुलिस का मुख्य फोकस नशे के काले कारोबार को जड़ से खत्म करना है। जुआ, सट्टा, नशे की तस्करी और छेड़छाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और स्लम बस्तियों पर विशेष नजर रहेगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खेत-खलिहान और वन सीमा क्षेत्रों को भी कवर किया गया है।

सामुदायिक पुलिसिंग: जनता बनेगी पुलिस की आंख-कान
बीट अधिकारी अब केवल डंडा लेकर नहीं चलेंगे, बल्कि वे जनता से संवाद करेंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कोटवारों, सरपंचों और आम नागरिकों से सीधा संपर्क साधा जाएगा। भूमि विवाद और पारिवारिक झगड़ों जैसे मामलों की प्रारंभिक सूचना जुटाकर उनका समय पर निराकरण करना इस प्रणाली की प्राथमिकता है।
इस नई बीट प्रणाली से न केवल पुलिस की ‘विजिबिलिटी’ बढ़ेगी, बल्कि आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस करेगी।
रिपोर्ट :- अमित पवार
जिला क्राइम रिपोर्टर
सीजी क्राइम न्यूज़


