सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए ‘वरदान’ बनी PM-RAHAT योजना; बिलासपुर में मिलेगा ₹1.50 लाख तक का मुफ्त इलाज
बिलासपुर। सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले व्यक्तियों को त्वरित और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा “प्रधानमंत्री – सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती और सुनिश्चित उपचार (PM-RAHAT) योजना” का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। बिलासपुर पुलिस द्वारा इस योजना के तहत पीड़ितों को ‘गोल्डन ऑवर’ में जीवन रक्षा सहायता सुनिश्चित करने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

जीवन बचाने का संकल्प: ‘गोल्डन ऑवर’ का महत्व
योजना का मुख्य ध्येय दुर्घटना के तत्काल बाद के ‘गोल्डन ऑवर’ (पहले एक घंटे) में पीड़ित को बिना किसी कागजी या वित्तीय देरी के इलाज मुहैया कराना है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप पुलिस महानिरीक्षक श्री रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में बिलासपुर पुलिस इस योजना का लाभ जन-जन तक पहुँचाने हेतु प्रतिबद्ध है।

योजना की प्रमुख कड़ियाँ:
- निशुल्क उपचार की सीमा: सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पीड़ित को घटना की तिथि से 7 दिनों तक अधिकतम ₹1.50 लाख तक का पूर्णतः कैशलेस (मुफ्त) उपचार प्रदान किया जा रहा है।
- व्यापक नेटवर्क: बिलासपुर जिले के 43 पंजीकृत अस्पताल (iRAD/eDAR पोर्टल से संबद्ध) इस योजना के तहत उपचार हेतु अधिकृत हैं।
- समान अधिकार: यह सुविधा छत्तीसगढ़ के निवासियों के साथ-साथ अन्य राज्यों के उन सभी पीड़ितों के लिए भी उपलब्ध है जिनकी दुर्घटना बिलासपुर जिले या राज्य की सीमा में हुई हो।
सजगता और प्रक्रिया:
उपचार के दौरान अस्पताल द्वारा पीड़ित को TMS 2.0 पोर्टल पर पंजीकृत किया जाता है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु पुलिस विभाग द्वारा सामान्य मामलों में 24 घंटे और गंभीर मामलों में 48 घंटे के भीतर सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण की जाती है। गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिए 48 घंटे तक ‘स्थिरीकरण उपचार’ (Stabilization Treatment) की गारंटी भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नागरिकों से विशेष अपील:
बिलासपुर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि सड़क दुर्घटना होने पर घायलों की मदद के लिए आगे आएं और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाएं। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सुरक्षित सफर और आपात स्थिति में नागरिकों की जान बचाना है।
“हमारा लक्ष्य है कि कोई भी पीड़ित धन के अभाव या समय की कमी के कारण उपचार से वंचित न रहे। जागरूक बनें और मानवता की रक्षा में सहभागी बनें।” — यातायात पुलिस, बिलासपुर


